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अब प्राइवेट कंपनियों भी देंगी वैकेंसी की जानकारी! सरकार नियम में करने जा रही ये बदलाव!
सरकार जल्द ही एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिसके तहत प्राइवेट कंपनियों को भी खाली पदों पर वैकेंसी की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप निजी क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, सरकार अब रोजगार क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. इसके तहत निजी कंपनियों के सभी विभागों में खाली वैकेंसीज के बारे में अनिवार्य रूप से सरकार को जानकारी देनी होगी. यह एम्प्लॉमेंट रेगुलेशन में बदलाव का संकेत है. सरकार एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंजेज (कंपलसरी नोटिफिकेशन ऑफ वैकेंसीज) एक्ट, 1959 की जगह नया सोशल सिक्योरिटी एक्ट लाने की योजना बना रही है. इसका उद्देश्य वैकेंसीज के बारे में सूचना प्रसारित करने के लिए तंत्र को औपचारिक रूप देना है. तो आइए जानते हैं इस नए एक्ट के बारे में विस्तार से जानते हैं.
एक्ट का पालन नहीं करने वालों पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार के इस नए एक्ट का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार इसके लिए जुर्माना बढ़ाने जा रही है. पहले यह 100 रुपये हुआ करता था, जिसे बढ़ाकर 50,000 रुपये तक किया जा सकता है. महाराष्ट्र के कौशल शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता राज्य मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा है कि हमारे पास रोजगार कार्यालय हैं, लेकिन वे निष्क्रिय हो गए हैं. कानून में बदलाव के साथ हम उन्हें रिवाइव और मजबूत करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनियां सरकार को वैकेंसीज के बारे में जानकारी दें. लोढ़ा ने कहा कि 100-500 रुपये के मामूली जुर्माने ने कंपनियों को वैकेंसीज के बारे में जानकारी देने से हतोत्साहित किया है, लेकिन संशोधित कानून से यह पूरा मामला बदल जाएगा.
होगा ये फायदा
जानकारी के अनुसार फिलहाल अधिकांश कंपनियां लिंक्डइन जैसे एम्प्लॉयमेंट ओरिएंटेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी वैकेंसीज को पोस्ट करती हैं. अभी यह साफ नहीं है कि सरकार इस प्रयास को क्यों दोहराना चाहती है. अनुपालन को आसान बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार कंपनियों के लिए अपने रिक्तियों को सूचीबद्ध करने के लिए एक राज्य-विशिष्ट नौकरी पोर्टल विकसित करने की योजना बना रही है. मंत्री के अनुसार यह पहल महाराष्ट्र सरकार की एक व्यापक 100-दिवसीय कार्य योजना का हिस्सा है. वहीं, सीआईआई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौगत रॉयचौधरी ने कहा कि रिक्तियों को अधिसूचित करने का प्रावधान पहले से ही है. यह नया प्रस्ताव हर राज्य में नौकरियों की संख्या को समझने में मदद करेगा. केंद्र प्लेसमेंट एजेंसियों को रेगुलेट करने के लिए एक निजी प्लेसमेंट अधिनियम का मसौदा भी तैयार कर रहा है. मिजोरम, छत्तीसगढ़ और असम जैसे राज्य पहले ही इस विधेयक के लिए इनपुट दे चुके हैं. महाराष्ट्र भी इसके लिए सबमिशन करने की योजना बना रहा है.
प्लेसमेंट एजेंसियों को करना होगा ये काम
इस अधिनियम के तहत, सभी प्लेसमेंट एजेंसियों को अपने संबंधित राज्य में पंजीकरण कराना होगा, जो उन्हें सूचीबद्ध करेगा और उनकी निगरानी करेगा. ये एजेंसियां अक्सर फीस लेती हैं और नौकरी दिलाने का वादा करती हैं, लेकिन कई बार उम्मीदवारों को धोखा देती हैं. उन्हें पंजीकृत करके, हम उन्हें जवाबदेह ठहरा सकते हैं और उनके प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त नौकरियों के डेटा को ट्रैक कर सकते हैं. इन एजेंसियों को राज्य द्वारा आयोजित नौकरी मेलों में भी भाग लेना होगा.
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