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पैसा तैयार रखा है ना? अब ये कंपनी ला रही है अपना IPO, SEBI के पास जमा कराए डॉक्यूमेंट्स
इस साल आईपीओ की बारिश हुई है. अब तक कई कंपनियों के IPO चुके हैं और साल खत्म होते-होते कई और आईपीओ आ सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
इस साल अब तक कई कंपनियों के IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) आ चुके हैं. हर कुछ दिन बाद किसी न किसी IPO के खुलने की खबर मिल जाती है. ऐसा महसूस होने लगा है जैसे IPOs की बारिश हो रही है. अब भारत की पहली ऑप्टो-सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माता कंपनी पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (Polymatech Electronics Limited) अपना आईपीओ लाने जा रही है. कंपनी के इस संबंध में बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास जरूरी दस्तावेज भी जमा करा दिए हैं.
जारी होंगे इतने नए इश्यू
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. इस आईपीओ में 750 करोड़ रुपए तक के इक्विटी शेयरों के नए इश्यू जारी किए जाएंगे. कंपनी की तरफ से खंबाटा सिक्योरिटीज लिमिटेड को इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर और लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया है. बता दें कि अभी हाल ही में सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर (JSW Infrastructure) के आईपीओ की शेयर बाजार (Stock Market) में शानदार लिस्टिंग हुई है. कंपनी के आईपीओ को काफी अच्छा रिस्पांस मिला था.
क्या है कंपनी की योजना?
पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स आईपीओ से प्राप्त होने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने पर करेगी. कंपनी की योजना आईपीओ से जुटाई गई रकम को ओरगादम, कांचीपुरम, तमिलनाडु में अपनी मौजूदा फैसिलिटी को बढ़ाने और नई मशीनरी खरीदने पर खर्च करेगी. कंपनी के इक्विटी शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है. चेन्नई मुख्यालय वाली पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने लेटेस्ट यूरोपियन और जापानी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से 2019 में ऑप्टो-सेमीकंडक्टर चिप्स के डिजाइन और प्रोडक्शन की शुरुआत की थी.
2007 में हुई थी स्थापना
कंपनी ऑप्टो-सेमीकंडक्टर चिप्स और ल्यूमिनरीज का प्रोडक्शन करती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 2007 में एक विदेशी कंपनी के रूप में स्थापित की गई थी. कंपनी का स्वामित्व और प्रचार विदेशी शेयरधारकों के पास था. हालांकि, 2016 और 2017 में निष्पादित और संशोधित शेयर खरीद समझौतों के माध्यम से मौजूदा प्रमोटर्स ईश्वर राव नंदम और उमा नंदम ( Eswara Rao Nandam & Uma Nandam) द्वारा उसका अधिग्रहण कर लिया गया.
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