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गांवों में खुद को मजबूत करने में जुटी Nestle, ग्रामीणों को लगा रही Coffee का चस्का!

Nestle India गांवों तक अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए कई तरीकों को आजमा रही है. वो एक ओर जहां अपनी हाट सक्रियता बढ़ा रही है वहीं स्‍मार्ट स्‍टोर भी खोल रही है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कई तरह के खाद्यय पदार्थ बनाने वाली नेस्‍ले इंडिया अपने प्रोडक्‍ट की भारत के गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच को बढ़ाने के लिए रुर्बन नाम से अभियान चला रही है. कंपनी ने इस कार्यक्रम की शुरुआत 2020 में हुई थी तब कंपनी के पास गांवों और छोटे शहरों में 3486 स्‍टोर थे. लेकिन आज कंपनी के स्‍टोर की संख्‍या 19323 तक जा पहुंची है. कंपनी अपने इस अभियान के तहत गांवों और छोटे शहरों के लोगों को कॉफी पीना सिखा रही है जिससे उसके प्रोडक्‍ट का विस्‍तार हो सके. 

इतने गांवों तक पहुंच चुकी का नैस्‍कैफे और मैगी 
अगर नैस्‍कैफे और मैगी की पहुंच को गांवों की संख्‍या के तौर पर मापें तो आज उनकी मौजूदगी 108000 गांवों तक पहुंच चुकी है. 2020 में कंपनी की पहुंच 41000 गांवों तक थी. कंपनी लगातार अपने डिस्‍ट्रीब्‍यूटर से लेकर गांवों के हाटों मे अपनी उपस्थिति को मजबूत बनाने में जुटी है. कंपनी इन सभी कोशिशों के जरिए भारत के गांवों में अपनी रीच को बढ़ाने की तैयारी कर रही है. 

क्‍या बोले कंपनी के एमडी?
नेस्‍ले इंडिया के अध्‍यक्ष और एमडी सुरेश नारायणन ने निवेशकों की एक बैठक के दौरान कहा कि हमें अपनी ग्रामीण पहुंच को बढ़ाने में काफी हद तक कामयाबी मिली है. उन्‍होंने कहा कि 2024 तक हमारा लक्ष्‍य 1,20,000 गांवों को कवर करना है. उन्‍होंने कहा कि नेस्‍ले इंडिया गांवों तक अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए जो कार्यक्रम चला रही है उसे रूरबन कहा जाता है. इस स्‍कीम के तहत 2020 में थोक केन्‍द्रो की संख्‍या 3301 थी लेकिन 2023 में ये 8013 इकाईयों तक जा पहुंची है. इसी तरह पुनर्वितरकों की संख्‍या 6901 से बढ़कर 8218 हो गई थी. 

नेस्‍ले स्‍मार्ट स्‍टोर्स के जरिए बना रही है नेटवर्क 
नेस्‍ले स्‍मार्ट स्‍टोर्स के जरिए गांवों में अपने नेटवर्क को बढ़ा रही है. 2020 में ऐसे स्‍मार्ट स्‍टोर की संख्‍या 3486 थी जबकि 2023 ये बढ़कर 19300 तक बढ़ गयी है. ये ग्रामीण ग्राहकों को उनके ही इलाके में प्रोडक्‍ट तक आसान पहुंच प्रदान करती है. नेस्‍ले ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहकों तक पहुंचने के लिए हाट कल्‍चर का भी सहारा ले रही है. 2022 में जहां हाट सक्रियता 2502 केन्‍द्रों तक थी वहीं अब ये 2023 में 18331 तक जा पहुंची है.  
 


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