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भारतीय रेलवे इस पड़ोसी देश के लिए बनाएगी रेल डिब्‍बे,जानिए कितनी गहरी है दोनों की दोस्‍ती? 

1971 में बांग्‍लादेश की आजादी के साथ भारत ऐसा पहला देश था जिसने उसे राजनयिक मान्‍यता दी थी और उसे स्थिर होने से लेकर बुनियादी चीजों में हमेशा ही मदद की है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय रेलवे को रेल डिब्‍बे बनाने का एक बड़ा ऑर्डर हासिल हुआ है. रेलवे को ये ऑर्डर हमारे पड़ोसी देश बांग्‍लादेश से मिला है. बांग्‍लादेश ने 200 रेल के डिब्‍बे बनाने के लिए ग्‍लोबल लेवल पर टेंडर निकाला था. राइट्स इस टेंडर को हासिल करने में कामयाब रही. इस ऑर्डर की लागत 11.12 करोड़ डॉलर है जो 915 करोड़ रुपये के बराबर है. 

बांग्‍लादेश में साइन हुआ कांट्रैक्‍ट 
बांग्‍लादेश सरकार की ओर से ये कांट्रैक्‍ट भारतीय रेलवे की यूनिट राइट्स को मिला है. बांग्‍लादेश के रेल मंत्री और राइट्स के अधिकारियों के बीच सोमवार को इस कांट्रैक्‍ट पर हस्‍ताक्षर हो गए. बांग्‍लादेश को राइट्स इन रेल डिब्‍बों को अगले 24 महीने में डिलीवर करेगा और इनकी 24 महीने की वारंटी होगी. ये कांट्रैक्‍ट भारतीय निर्माण जिसे मेड इन इंडिया भी कहा जाता है उसे और मजबूत करता हुआ दिखाई दे रहा है. इससे पहले भी बांग्‍लादेश को भारतीय रेलवे 120 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच, 36 ब्रॉड गेज लोकोमोटिव और 10 मीटर गेज लोकोमोटिव की आपूर्ति कर चुका है. 

ये भी पढ़ें: विमान बनाने वाली इस कंपनी पर चीन ने क्यों लगाए प्रतिबंध, क्या बढ़ने वाला है तनाव?

बांग्‍लादेश के लिए अहम है भारत की दोस्‍ती 
बांग्‍लादेश के लिए भारत की दोस्‍ती बेहद अहम है. बांग्‍लादेश कई अहम सामानों के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर है. भारत जहां बांग्‍लादेश को 1160 मेगावाट बिजली देता है वही पोर्ट से लेकर सड़क निर्माण, शिपिंग और बंदरगाहों में भारत का बड़ा निवेश है. पिछले 8 सालों में भारत ने बांग्‍लादेश को लगभग 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट दी है. 
बांग्‍लादेश को ये सामान देता है भारत 
बांग्‍लादेश भारत को कई अहम सामान देता है. इनमें मुख्‍य तौर पर मसाले, कपास, अनाज, प्‍लास्टिक प्रोडक्‍ट, चीनी, इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरण, कॉफी, चाय, मेट, लोहा, स्‍टील कपड़े साडि़यां आदि जैसे बुनियादी सामान शामिल हैं. सामान ही नहीं कई भारतीय कंपनियां बांग्‍लादेश में काम कर रही हैं. अगर दोनों देशों के बीच कारोबार के नंबर पर डालें तो वो मजबूत बना हुआ है. वर्ष 2022 में जहां दोनों देशों के बीच 16.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार हुआ वहीं 2023 में बांग्‍लादेश को भारत का निर्यात 12.20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार हुआ है.   


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