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धड़ल्ले से कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहीं कंपनियां, अब तक इतने हजार हुए बाहर

गूगल ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ और तिमाही के नतीजे अच्छे नहीं आए, तो उनकी नौकरी जाना तय है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नौकरीपेशा लोगों के लिए वक्त सही नहीं चल रहा है. दुनियाभर की तमाम कंपनियां छंटनी कर रही हैं. भारत से लेकर अमेरिका तक हजारों कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है. दिग्गज टेक कंपनी एप्पल ने अपने 100 कर्मचारियों को निकाल दिया है. वहीं, गूगल भी इस तैयारी में है. माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही छंटनी अभियान शुरू कर सकती है.

डर के साये में गूगल वाले 
गूगल ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ और तिमाही के नतीजे अच्छे नहीं आए, तो उनकी नौकरी जाना तय है. गूगल के कर्मचारी उस वक्त से डर के साये में जी रहे हैं, जब CEO सुंदर पिचाई ने कहा था कि कंपनी के पास बहुत सारे कर्मचारी हैं, लेकिन काम बहुत कम है. बता दें कि कंपनी ने नई भर्तियों पर भी रोक लगाई हुई है.   

लंबी होती जा रही लिस्ट
कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने वालों में अकेले एप्पल या गूगल ही नहीं हैं. इस लिस्ट में कई कंपनियां शुमार हैं और यह लिस्ट दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने 200 कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया था. गौर करने वाली बात ये है कि मुश्किल से एक महीने पहले ही इस दिग्गज कंपनी ने 1800 कर्मियों को बाहर करने की घोषणा की थी. इसी तरह, दुनिया की टॉप IT कंपनियों में शुमार ऑरेकल कॉरपोरेशन द्वारा अमेरिका में छंटनी की बात सामने आई है. ऑरेकल के पास दुनियाभर में 1.43 लाख फुल टाइम कर्मचारी हैं. कंपनी वर्कफोर्स पर होने वाले सालाना खर्चे को नीचे लाना चाहती है, इसलिए उसने छंटनी शुरू कर दी है.  

हर सेक्टर का एक जैसा हाल
छंटनी की खबरें लगभग हर सेक्टर से आ रही है. वॉलमार्ट (Walmart) ने अपने 200 कर्मचारियों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं,  चीन की दिग्गज टेक कंपनी अलीबाबा (Alibaba) ने बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. कंपनी ने करीब 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स की मानें तो Ford Motor करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की योजना बना रही है. 

यूएस से बाहर चलेगा अभियान!
टेक कंपनियों द्वारा की जा रहीं ज़्यादातर छंटनी अमेरिका से जुड़ी हुईं हैं, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि अगर यूएस में हालात नहीं सुधरे तो इसका असर भारत भी पड़ सकता है. रिपोर्ट है कि ऑरेकल भारत, कनाडा और यूरोप के कई देशों में छंटनी अभियान चला सकती है. ऑरेकल कॉरपोरेशन ने 2019 में भारत में अपने 100 कर्मचारियों की छुट्टी की थी. बता दें कि कंपनी के लिए यूएस से बाहर भारत सबसे बड़ा डिलीवरी सेंटर है. भारत में ऑरेकल के करीब 38,000 कर्मचारी हैं.  

43,000 हुए बेरोजगार
क्रंचबेस की एक रिपोर्ट बताती है कि इस साल एक अप्रैल तक दुनियाभर के आईटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई है. करीब 342 टेक कंपनियों और स्टार्टअप के 43,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है. आशंका है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है. दरअसल, अमेरिका में मंदी की आहट सुनाई देने लगी है. इस वजह से कंपनियां खौफ में हैं. उन्हें उम्मीद से कम मुनाफा हो रहा है, ऐसे में वह कॉस्ट कटिंग पर जोर दे रही हैं और इसके नाम पर कर्मचारियों को कुर्बान किया जा रहा है.  

भारत में भी गईं नौकरियां  
भारत में भी हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं. क्रंचबेस डाटा के अनुसार, इस साल जुलाई तक करीब 11,500 लोगों की नौकरी जा चुकी है और साल खत्म होते-होते यह संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अनअकेडेमी (Unacademy) ने 1150, एजेकेशन टेक कंपनी बायजूस ने 550, वेदांतू ने 624, हेल्थकेयर स्टार्टअप एम फाइन (MFine) ने 600, ओला ने लगभग 500 और कार्स 24 ने 600 कर्मचारियों की छंटनी की है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बाद से एडटेक कंपनियों के मुनाफे में कमी आई है.
 


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