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रुपये में निर्यात भुगतान पर अब मिलेगा FTP प्रोत्साहन, सरकार ने बदले नियम
DGFT ने FTP 2023 में किया बदलाव, रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब रुपये में निर्यात भुगतान हासिल करने वाले भारतीय निर्यातकों को भी विदेश व्यापार नीति (FTP) के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों का लाभ मिल सकेगा. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने बुधवार को FTP 2023 में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर इस व्यवस्था को भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप कर दिया है.
रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने की कोशिश
नए नियमों के तहत एशियन क्लियरिंग यूनियन (ACU) की क्षेत्रीय भुगतान व्यवस्था से बाहर के देशों के साथ कारोबार करने वाले निर्यातक अपने निर्यात अनुबंध और बिल भारतीय रुपये या विदेशी मुद्रा, किसी भी मुद्रा में बना सकेंगे. भुगतान भी इन दोनों में से किसी एक मुद्रा में प्राप्त किया जा सकेगा.
इस बदलाव से रुपये में होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलने और निर्यातकों के लिए भुगतान के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है. सरकार लंबे समय से वैश्विक व्यापार में रुपये के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है.
अमेरिका के दबाव के बीच आया फैसला
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ब्रिक्स देशों की ओर से डॉलर के विकल्प को बढ़ावा देने वाली किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दे चुके हैं. ट्रंप ने ब्रिक्स की साझा मुद्रा या डॉलर को चुनौती देने वाली किसी पहल का समर्थन करने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी भी दी है. हालांकि, भारत ने ब्रिक्स की साझा मुद्रा बनाने के विचार को स्पष्ट रूप से खारिज किया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत ऐसी किसी योजना का समर्थन नहीं करता.
जुलाई 2022 में शुरू हुई थी प्रक्रिया
भारत का कहना है कि रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण किसी मौजूदा विदेशी मुद्रा व्यवस्था को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार में रुपये के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए है. नए नियम उसी दिशा में उठाया गया कदम हैं. ईरान के साथ रुपये में होने वाले व्यापार के लिए पहले से लागू सुरक्षा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकार के ताजा संशोधन से जुलाई 2022 में शुरू हुई नियामकीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है.
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम भारतीय रुपये में सीमा पार कारोबार को आसान बनाने और निर्यातकों को मुद्रा के विकल्पों के साथ-साथ FTP प्रोत्साहनों का लाभ देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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