होम / बिजनेस / अब पर्यावरण भी बनेगा निवेश का हिस्सा, NSE के SSE पर लिस्ट हुआ CGR का प्रोजेक्ट
अब पर्यावरण भी बनेगा निवेश का हिस्सा, NSE के SSE पर लिस्ट हुआ CGR का प्रोजेक्ट
CGR की जलवायु पहल का NSE के सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होना भारत में पर्यावरणीय प्रयासों को वित्तीय मान्यता दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) प्लेटफॉर्म पर ग्रीन क्रांति परिषद (Council for Green Revolution - CGR) की पर्यावरणीय पहल को लिस्ट किया गया है. यह SSE पर लिस्ट होने वाला 14वां प्रोजेक्ट है और भारत में पहली जलवायु कार्रवाई केंद्रित परियोजना है, जिसे इस मंच पर शामिल किया गया है. यह विकास भारत में जलवायु कार्रवाई को वित्तीय मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह लिस्टिंग विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई, जो इस उपलब्धि को और भी प्रतीकात्मक बनाती है.
देशभर के 45,000 छात्र बनेंगे 'अर्थ लीडर्स'
इस लिस्टिंग के माध्यम से CGR के प्रमुख कार्यक्रम यंग अर्थ लीडरशिप प्रोग्राम (YELP) को और विस्तार मिलेगा. अब तक इस पहल के तहत देशभर में हजारों छात्रों को पर्यावरण शिक्षा, प्रशिक्षण और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से सशक्त किया गया है. NSE-SSE पर लिस्टिंग के बाद, यह परियोजना 45,000 से अधिक छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है, जिससे भारत में जमीनी स्तर पर जलवायु लचीलापन और नेतृत्व विकसित होगा.
पेड़ लगाकर की गई कार्यक्रम की शुरुआत
इस अवसर पर NSE के मुख्यालय में एक प्रतीकात्मक वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. यह कदम पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और सामूहिक कार्रवाई का संदेश देने वाला रहा. कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें NSE के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन, मुख्य अतिथि के रूप में जलवायु वित्त, नाबार्ड मुख्य महाप्रबंधक संजीव रोहिल्ला, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक, CGR के संस्थापक के. लक्ष्मा रेड्डी, अध्यक्ष लीला लक्ष्मा रेड्डी, सीईओ जी. नारायण राव, सहायक निदेशक जेएसआर अन्नमय्या, यूनाइटेड वे ऑफ इंडिया प्रतिनिधि भूषण सहित आईआईटी बॉम्बे के सस्टेनेबिलिटी विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए.
जलवायु कार्य अब एक निवेश योग्य क्षेत्र
CGR के संस्थापक के. लक्ष्मा रेड्डी ने कहा, यह केवल एक लिस्टिंग नहीं, बल्कि इस बात की मान्यता है कि जलवायु कार्रवाई एक निवेश योग्य, मापने योग्य और प्रभावशाली क्षेत्र है. हम इस बदलाव का नेतृत्व करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं.
सस्टेनेबिलिटी और वित्तीय नवाचार का संगम
इस लिस्टिंग से यह भी साबित होता है कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पर्यावरण संगठनों, विनियामक संस्थाओं और वित्तीय बाजारों के बीच सहयोग बढ़ रहा है. ग्रीन क्रांति परिषद लगातार यह दर्शा रही है कि सतत विकास और सामाजिक समानता को संस्थागत मान्यता और वित्तीय नवाचार के साथ जोड़ा जा सकता है.
टैग्स