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पिछले IPOs पर दांव लगाने से चूक गए? आ रहा है एक और आईपीओ
पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक आए आईपीओ का प्रदर्शन बेहतर रहा है. कई IPOs ने निवेशकों को मोटा मुनाफा भी दिलाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
इस साल अब तक छोटी-बड़ी कई कंपनियों के IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफर) आ चुके हैं. अधिकांश ने निवेशकों को खुश होने का मौका दिया है. जबकि कुछ उम्मीद पर खरे उतरने में नाकाम रहे हैं. स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों के लिए आईपीओ मुनाफा कमाने का एक बेहतरीन मौका होता है. इसलिए जब भी किसी IPO के आने की खबर आती है, उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती है. ऐसा ही एक मौका फिर मिलने वाला है. दरअसल, फार्मा सेक्टर से जुड़ी कंपनी ब्लूजेट हेल्थकेयर (Blue Jet Healthcare) अपना आईपीओ ला रही है.
3 दिन का समय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लूजेट हेल्थकेयर का आईपीओ 25 अक्टूबर को लॉन्च होगा. आज यानी 19 अक्टूबर को आईपीओ का इश्यू प्राइज बैंड और लॉट साइज का ऐलान किया जाएगा. इश्यू साइज का आधा हिस्सा QIB (Qualified Institutional Buyers) के लिए और 35 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए रखा गया है. इस महीने मेनबोर्ड सेगमेंट में यह दूसरा IPO होगा. निवेशकों के पास इस आईपीओ पर दांव लगाने के लिए तीन दिन का समय होगा. आईपीओ 27 अक्टूबर को बंद हो जाएगा.
कब होगी लिस्टिंग?
ब्लूजेट हेल्थकेयर के शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में छह नवंबर को लिस्ट किया जाएगा. कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, ICICI सिक्योरिटीज ओर जेपी मॉर्गन इंडिया को ऑफर के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है. जबकि लिंक इनटाइम इंडिया इश्यू का रजिस्ट्रार है. बता दें कि इस साल कुछ और कंपनियों के भी आईपीओ आ सकते हैं. पिछले साल से तुलना करें, तो इस साल अब तक आए आईपीओ का प्रदर्शन अच्छा रहा है. कई आईपीओ में निवेशकों को फायदा भी हुआ है.
क्या होता है IPO?
जब कोई कंपनी इक्विटी मार्केट से यानी शेयर बाजार से पैसे जुटाना चाहती है तो उसके पास बहुत से तरीके होते हैं. उसी में से एक तरीका होता है IPO. दूसरे शब्दों में कहें तो जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक में बेचने के लिए ऑफर करती है, तो उसे Initial Public Offering या IPO कहते हैं. ये शेयर BSE और NSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए निवेशकों की खरीद के लिए रखे जाते हैं. जब ये शेयर निवेशकों द्वारा खरीद लिए जाते हैं तो वो कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती है. सरल शब्दों में कहें तो कंपनी शेयरों के रूप में अपनी कुछ हिस्सेदार निवेशकों को बेच देती है और उससे पैसा जुटाती है.
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