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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार, 15 जून से शुरू होंगी फ्लाइट्स
यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वी व पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख परिवहन मार्गों से जुड़ा हुआ है. भविष्य में इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के साथ एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
उत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र NCR के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है. इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से पहली उड़ान इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी, जबकि अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में हैं. विस्तृत उड़ान कार्यक्रम और गंतव्यों की घोषणा आने वाले हफ्तों में की जाएगी.
भीड़ कम होगी, कनेक्टिविटी बढ़ेगी
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से एनसीआर NCR के मौजूदा हवाई अड्डों पर यात्री दबाव कम होने की उम्मीद है, साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी. यह परियोजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यापक विमानन दृष्टि के अनुरूप है.
नियामकीय मंजूरी और विश्वस्तरीय सुविधाएं
एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी मिलने के बाद उड़ान संचालन शुरू होगा. यह मंजूरी सुरक्षा और संचालन मानकों के पूर्ण अनुपालन की पुष्टि करती है. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित इस एयरपोर्ट में आधुनिक टर्मिनल, उन्नत संचालन प्रणाली और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सुविधाएं मौजूद हैं.
बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर
यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वी व पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख परिवहन मार्गों से जुड़ा हुआ है. भविष्य में इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के साथ एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा.
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट से वाणिज्यिक सेवाओं की शुरुआत से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और लॉजिस्टिक्स, पर्यटन व मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा. यह उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में भी अहम कदम है.
क्षमता और भविष्य की योजना
फिलहाल एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है. दीर्घकालिक योजना के तहत इसे बढ़ाकर 7 करोड़ से अधिक यात्रियों की क्षमता तक ले जाने का लक्ष्य है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में शामिल हो सके.
पर्यावरण पर भी फोकस
साथ ही, यह एयरपोर्ट पर्यावरणीय स्थिरता पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें आधुनिक डिजाइन और उच्च संचालन दक्षता का समावेश है.
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