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भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों को नई गति, CETA से निवेश और निर्यात बढ़ाने पर जोर
पीयूष गोयल ने भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौते (CEPA) का उल्लेख करते हुए कहा कि मई 2022 में लागू इस समझौते ने द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
भारत और ब्रिटेन ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) के तहत उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और कारोबारी साझेदारी बढ़ाने पर उच्चस्तरीय चर्चा हुई. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक व्यापार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.
गोयल और पीटर काइल के बीच अहम चर्चा
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य राज्य सचिव पीटर काइल के बीच शुक्रवार को वर्चुअल बैठक आयोजित हुई. बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत-ब्रिटेन CETA के जरिए दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की गई.
2025 में हुआ था CETA पर हस्ताक्षर
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. समझौते के अनुसार भारत के 99 प्रतिशत निर्यात उत्पादों को ब्रिटिश बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा. वहीं ब्रिटेन के कार और व्हिस्की जैसे उत्पादों पर भारत में शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी.
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और ब्रिटेन ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 56 अरब डॉलर से दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग, आईटी और सेवा क्षेत्र को बड़ा फायदा मिल सकता है.
यूएई समझौते की सफलता का भी जिक्र
पीयूष गोयल ने भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौते (CEPA) का उल्लेख करते हुए कहा कि मई 2022 में लागू इस समझौते ने द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि यूएई भारत के लिए अफ्रीका, जीसीसी देशों, मध्य पूर्व, CIS देशों और कुछ यूरोपीय बाजारों तक पहुंच का बड़ा प्रवेश द्वार बनकर उभरा है.
भारत-यूएई व्यापार 101 अरब डॉलर के पार
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच कुल व्यापार 101.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष 100.03 अरब डॉलर था. रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि क्षेत्र में व्यापार तेज़ी से बढ़ा है.
इसी अवधि में भारत का यूएई को निर्यात 2 प्रतिशत बढ़कर 37.36 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि आयात 63.89 अरब डॉलर रहा. इससे भारत का व्यापार घाटा 26.53 अरब डॉलर दर्ज किया गया.
विदेशी निवेश में भी बनी रुचि
अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान यूएई से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2.45 अरब डॉलर रहा. हालांकि यह पिछले वर्ष 4.34 अरब डॉलर की तुलना में कुछ कम रहा.
वैश्विक व्यापार रणनीति पर भारत का फोकस
भारत लगातार मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए नए बाजारों तक पहुंच बना रहा है. ब्रिटेन और यूएई जैसे प्रमुख साझेदार देशों के साथ मजबूत आर्थिक रिश्ते भारत की निर्यात क्षमता, निवेश प्रवाह और वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
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