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NHAI को यहां से हुआ 12,00 करोड़ रुपये का फायदा, कर्ज का बोझ भी हुआ कम

NHAI ने चालू वित्त वर्ष में 56,000 करोड़ रुपये के कर्ज का पूर्व भुगतान किया है. इससे 1,200 करोड़ रुपये की ब्याज लागत की बचत हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बड़ा फायदा हुआ है. दरअसल, एनएचएआई ने चालू वित्त वर्ष में 56,000 करोड़ रुपये के कर्ज का पूर्व भुगतान (Prepay) किया है. इससे एनएचएआई को लगभग 1,200 करोड़ रुपये की ब्याज लागत की बचत हुई है. चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में एनएचएआई का कुल कर्ज 3.35 लाख करोड़ रुपये था. 2024-25 की तीसरी तिमाही के अंत तक यह घटकर लगभग 2.76 लाख करोड़ रुपये रह गया, ऐसे में अब एनएचएआई अपने कर्ज के बोझ को कम करने में सफल हो रहा है. तो आइए जानते हैं एनएचएआई ने यह पैसे कहां से कमाए हैं? 

NHAI को यहां से हुआ फायदा
एनएचएआई भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है. इसका गठन 1988 में किया गया था. एनएचएआई देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनएचएआई ने InvIT से प्राप्त 15,700 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के पूर्व भुगतान के लिए किया है. इसके अलावा, राष्ट्रीय लघु बचत निधि (30,000 करोड़ रुपये) और भारतीय स्टेट बैंक (10,000 करोड़ रुपये) को भी 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया गया है. ये संस्थान ऊंची ब्याज दरें वसूलते थे. पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनएचएआई के लिए 1.68 लाख करोड़ रुपये का आवंटन रखा था. 

NHAI की वित्तीय स्थिति होगी मजबूत
यह कदम एनएचएआई की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा. कर्ज कम होने से ब्याज पर खर्च भी कम होगा. बची हुई राशि का इस्तेमाल नए राजमार्ग परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है. InvIT एक तरह का निवेश ट्रस्ट है जिससे एनएचएआई को धन प्राप्त हुआ. राष्ट्रीय लघु बचत निधि और SBI को कर्ज चुकाने से एनएचएआई को ऊंची ब्याज दरों से छुटकारा मिला है. सरकार का लक्ष्य है कि एनएचएआई की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो. इससे देश में बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार मिलेगी. नए राजमार्ग बनने से यातायात सुगम होगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. एनएचएआई का कर्ज कम होना देश के लिए एक अच्छी खबर है.


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