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प्लास्टिक बैग, मल्टीलेयर पैकेजिंग को लेकर जारी हुए नए नियम, 1 जुलाई से देनी होगी ये जानकारी

प्लास्टिक कैरी बैग खरीदने  को लेकर सरकार ने नए नियम जारी किए हैं. इसके तहत अब निर्माता ब्रैंड को प्लास्टिक कैरी बैग और पैकेजिंग पर बारकोड में प्लास्टिक और निर्माता से जुड़ी सभी जानकारी देना अनिवार्य होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत में प्लास्टिक से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है. दरअसल, 1 जुलाई से के प्रत्येक प्लास्टिक कैरी बैग और पैकेजिंग निर्माता ब्रैंड मालिक को पैकेजिंग पर बारकोड में प्लास्टिक की मोटाई और निर्माता के नाम सहित अपनी सभी जानकारी प्रदान करनी होंगी. वहीं, बारकोड में जानकारी प्रदान करने के नए नियमों में अब कार्रवाई का प्रावधान भी है. तो आइए इस नए नियम के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं.

प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक
मंत्रालय ने 2021 में संशोधित नियमों को अधिसूचित किया था, जिसमें 1 जुलाई, 2022 से कम इस्तेमाल और उच्च कूड़ा फैलाने की क्षमता वाली पहचानी गई सोलो वाली प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी. संशोधित नियमों में 31 दिसंबर, 2022 से 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, बांटना, बिक्री और इस्तेमाल पर भी बैन लगा दिया गया है. पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से अधिसूचित नए नियम टॉप प्लास्टिक प्रबंधन नियम, 2016 के तहत 120 माइक्रोन से कम मोटाई के प्रतिबंधित कैरी बैग की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करेंगे.

सजा के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना
बारकोड में जानकारी प्रदान करने के नए नियमों में कार्रवाई का प्रावधान है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत उल्लंघन, कानून के तहत, किसी भी विफलता या उल्लंघन पर कारावास की सजा हो सकती है जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है या एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, दोनों को बढ़ाया भी जा सकता है.

 

 

 


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