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G20 में पीयूष गोयल ने ओवरकैपेसिटी के आरोपों को नकारा, कहा- WTO नियमों से चले वैश्विक व्यापार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार और उत्पादक देश है, जो अपनी घरेलू जरूरतों के साथ वैश्विक मांग को पूरा करने में भी योगदान देता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत ने G20 के वाणिज्य एवं व्यापार मंत्रियों की बैठक में कुछ भारतीय सेक्टरों में कथित ‘ओवरकैपेसिटी’ को लेकर उठाई गई चिंताओं को खारिज किया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार और उत्पादक देश है, जो अपनी घरेलू जरूरतों के साथ वैश्विक मांग को पूरा करने में भी योगदान देता है. उन्होंने कहा कि उत्पादन और सप्लाई चेन का विस्तार जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों से बाहर जाकर कदम नहीं उठाए जाने चाहिए.
अमेरिका ने G20 में उठाया था ओवरकैपेसिटी का मुद्दा
यह मुद्दा अमेरिका की अगुवाई में G20 बैठक के दौरान उठाया गया. अमेरिका की ओर से चिंता जताई गई कि कुछ देशों में स्टील, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और केमिकल जैसे क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता वैश्विक बाजार में असंतुलन पैदा कर सकती है और दूसरे देशों के उद्योगों को प्रभावित कर सकती है.
अमेरिका अलग से सेक्शन 301 के तहत भारत समेत करीब 60 देशों में कुछ प्रमुख क्षेत्रों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की जांच भी कर रहा है. इस जांच में यह देखा जा रहा है कि किसी देश की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता से अमेरिकी उद्योगों के हितों पर असर पड़ रहा है या नहीं.
भारत ने WTO नियमों पर दिया जोर
पीयूष गोयल ने बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन का विस्तार अपने आप में गलत नहीं है. भारत जैसे बड़े देश के लिए घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ वैश्विक आपूर्ति में योगदान देना भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में किसी भी तरह के ऐसे कदम से बचना चाहिए जो WTO के नियमों के दायरे से बाहर हों या विकासशील देशों पर अतिरिक्त बोझ डालें.
गोयल के मुताबिक, G20 प्रेसिडेंसी की ओर से जिन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता को लेकर चिंता जताई गई है, उनमें भारत के पास ऐसी संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता नहीं है, जिसे दूसरे देशों के उद्योगों के लिए नुकसानदेह माना जाए.
डंपिंग को लेकर भारत की भी चिंता
बैठक में भारत ने डंपिंग और बेहद कम कीमत पर दूसरे देशों के बाजारों में सामान पहुंचाए जाने को लेकर भी चिंता जताई. गोयल ने कहा कि कई देशों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि कुछ देश अपने हितों को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नीतियां अपना सकते हैं, जिससे वैश्विक बाजार में डंपिंग की स्थिति बन सकती है.
भारत लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में कम कीमत वाले आयात और घरेलू उद्योगों पर उनके प्रभाव का मुद्दा उठाता रहा है. खासतौर पर स्टील और कुछ अन्य औद्योगिक उत्पादों के मामले में भारतीय उद्योगों की ओर से डंपिंग को लेकर चिंता जताई जाती रही है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के लिहाज से भी अहम मुद्दा
ओवरकैपेसिटी और डंपिंग का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है. अमेरिका की ओर से भारतीय औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापार नीतियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं.
ऐसे में G20 मंच पर भारत की ओर से WTO के नियमों और विकासशील देशों के हितों पर दिया गया जोर व्यापार वार्ता के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है. भारत का रुख है कि वैश्विक व्यापार में उत्पादन और सप्लाई चेन का विस्तार नियम आधारित व्यवस्था के भीतर होना चाहिए और इसके लिए विकासशील देशों पर असमान बोझ नहीं डाला जाना चाहिए.
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