होम / बिजनेस / Municipalika 2026 में नई इलेक्ट्रिक टिपर और रेट्रो-फिटमेंट: शहरी स्वच्छता में ग्रीन पहल
Municipalika 2026 में नई इलेक्ट्रिक टिपर और रेट्रो-फिटमेंट: शहरी स्वच्छता में ग्रीन पहल
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में यह पहल न सिर्फ पर्यावरण के लिए सकारात्मक है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत के शहर तेजी से हरित और स्मार्ट अवसंरचना की ओर बढ़ रहे हैं. नगर निकायों के विद्युतीकरण के इस दौर में, इलेक्ट्रिक गार्बेज टिपर अब केवल विकल्प नहीं बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुके हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में Omega Seiki Mobility (OSM) ने Municipalika 2026 के मंच से अपना नया RAGE+ हाइड्रोलिक गार्बेज टिपर पेश किया. ₹4.5 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत वाला यह शून्य-उत्सर्जन तीन-पहिया वाहन विशेष रूप से नगर निगमों, शहरी स्थानीय निकायों और सरकारी स्वच्छता विभागों के लिए डिजाइन किया गया है.
B2G सेगमेंट में इलेक्ट्रिक गार्बेज टिपर की बढ़ती भूमिका
भारत में नगर पालिका बेड़ों का तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है. B2G (बिजनेस-टू-गवर्नमेंट) सेगमेंट में इलेक्ट्रिक गार्बेज टिपर एक महत्वपूर्ण श्रेणी के रूप में उभरे हैं, क्योंकि:
1. कचरा संग्रहण वाहन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित होते हैं.
2. डीजल वाहनों से प्रदूषण और ध्वनि का सीधा प्रभाव पड़ता है.
3. ईंधन लागत नगर निकायों के बजट पर भारी दबाव डालती है.
शहरी स्वच्छता अभियानों को गति
स्वच्छ भारत अभियान जैसे राष्ट्रीय अभियानों के तहत स्थिरता लक्ष्यों को तेजी से लागू किया जा रहा है. ऐसे में इलेक्ट्रिक टिपर परिचालन लागत कम करते हैं. कार्बन उत्सर्जन घटाते हैं. रखरखाव खर्च घटाते हैं और शहरी स्वच्छता अभियानों को गति देते हैं. OSM अब तक देशभर में 200 से अधिक इलेक्ट्रिक गार्बेज टिपर, विशेष रूप से पश्चिमी राज्यों में, आपूर्ति कर चुकी है. कंपनी के पास वर्तमान में B2G सेगमेंट में 500 वाहनों का ऑर्डर बुक है और वित्त वर्ष 2026–27 में 1,000 गार्बेज टिपर तैनात करने का लक्ष्य है.
RAGE+ टिपर, प्रदर्शन और भरोसे का संयोजन
RAGE+ हाइड्रोलिक गार्बेज टिपर अपनी श्रेणी में कई अग्रणी विशेषताओं के साथ आता है:
1. 250 किमी तक की रेंज (एक बार चार्ज पर).
2. 15 kWh की बड़ी बैटरी.
3. 500 किलोग्राम लोड क्षमता.
4. कुशल कचरा उतारने के लिए हाइड्रोलिक टिपिंग मैकेनिज्म.
5. मजबूत ऑल-मेटल बॉडी.
6. सभी मौसम में सुरक्षित उपयोग हेतु IP67-रेटेड चार्जर.
7. 5 वर्ष या 2 लाख किमी की उद्योग-अग्रणी वारंटी.
इन विशेषताओं के साथ RAGE+ को कठोर नगरपालिका उपयोग को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है, जिससे दैनिक संचालन निर्बाध और किफायती बन सके.
दीर्घकालिक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ
कंपनी के चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर विवेक धवन के अनुसार, नगर मोबिलिटी भारत की स्थिरता यात्रा का केंद्र है और RAGE+ शहरी स्वच्छता जरूरतों के लिए मजबूत, शून्य-उत्सर्जन समाधान प्रदान करने की OSM की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
वाइस प्रेसिडेंट सेल्स, अशहर इदरीस ने बताया कि उत्पाद विकास का उद्देश्य सरकारी भागीदारों को विश्वसनीयता और उत्कृष्ट मूल्य प्रदान करना था. बड़ी बैटरी और मजबूत मेटल बॉडी के साथ यह वाहन लागत बचत और प्रदर्शन दोनों सुनिश्चित करता है.
पुरानी ई-गाड़ियों को नई ऊर्जा
कंपनी द्वारा रेट्रो-फिटमेंट के जरिए पुरानी ई-गाड़ियों को कम लागत में अपग्रेड कर दूसरी जिंदगी दी जा रही है. कंपनी गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में सेकंड लाइफ व्हीकल प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. जिन ग्राहकों के पास पहले 8 किलोवॉट बैटरी वाली गाड़ियां थीं, उन्हें रेट्रो-फिटमेंट के जरिए 15 किलोवॉट की नई बैटरी लगाकर अपग्रेड किया जा रहा है. इससे गाड़ी की रेंज और प्रदर्शन दोनों में सुधार हो रहा है.
किफायती कीमत में नई ऊर्जा
कंपनी का कहना है कि यह अपग्रेड बेहद किफायती कीमत पर किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्राहक इसका लाभ उठा सकें. पुरानी बैटरी को बदलकर नई और ज्यादा क्षमता वाली बैटरी लगाने से गाड़ी को नई जिंदगी मिल रही है और ग्राहकों को नई गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ रही है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में यह पहल न सिर्फ पर्यावरण के लिए सकारात्मक है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है.
टैग्स