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मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार, 62,500 करोड़ रुपये की स्कीम लॉन्च; चिप निर्माण पर भी जोर
62,500 करोड़ रुपये की नई योजना के तहत कंपनियों को उत्पादन पर 5% तक प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार का लक्ष्य भारत को मोबाइल फोन और उसके कंपोनेंट्स के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
केंद्र सरकार ने देश में मोबाइल फोन निर्माण को नई रफ्तार देने के लिए मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम-2 लॉन्च कर दी है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इस योजना की औपचारिक शुरुआत की. सरकार का लक्ष्य देश में मोबाइल फोन उत्पादन को दोगुना करने के साथ-साथ कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है.
करीब 62,500 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए 5% तक प्रोत्साहन दिए जाने की बात कही गई है. सरकार का फोकस केवल मोबाइल फोन की असेंबलिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजाइन, कंपोनेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों के घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
मेमोरी चिप के घरेलू उत्पादन पर जोर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मोबाइल फोन की कीमतों पर भी पड़ रहा है. इसे देखते हुए सरकार अब मेमोरी चिप के घरेलू उत्पादन पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके लिए देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा.
घरेलू स्तर पर चिप निर्माण बढ़ने से भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
एक मोबाइल फोन में करीब 1,000 पार्ट्स
वैष्णव के अनुसार, एक मोबाइल फोन में करीब 1,000 अलग-अलग पार्ट्स और कंपोनेंट्स होते हैं. भारत में इन कंपोनेंट्स का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें बड़ी संख्या में MSME कंपनियां भी शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि अब तक देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का मुख्य फोकस उत्पादन बढ़ाने पर रहा है, लेकिन सरकार की अगली रणनीति भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, दोनों क्षमताओं को मजबूत करने की है.
कंपनियों को आकर्षित करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम
आईटी मंत्री ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, जो वैश्विक कंपनियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है. सरकार का मानना है कि नई स्कीम से मोबाइल निर्माण के साथ-साथ सप्लाई चेन और कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा.
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम-2 के जरिए सरकार भारत को केवल मोबाइल फोन असेंबलिंग हब के बजाय डिजाइन, कंपोनेंट्स और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
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