होम / बिजनेस / 2028 तक शुरू हो सकती है Nelco की D2D सैटेलाइट सेवा, भारत समेत इन बाजारों पर नजर
2028 तक शुरू हो सकती है Nelco की D2D सैटेलाइट सेवा, भारत समेत इन बाजारों पर नजर
टाटा ग्रुप समर्थित Nelco 2027 के अंत तक करेगी D2D सेवा का ट्रायल, रेगुलेटरी मंजूरी और स्पेक्ट्रम उपलब्धता के आधार पर होगा कमर्शियल लॉन्च
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
टाटा ग्रुप (Tata Group) समर्थित नेल्को (Nelco) भारत के उभरते डायरेक्ट टू डिवाइस (D2D) सैटेलाइट कम्युनिकेशन बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी की योजना 2028 की शुरुआत तक भारत और दक्षिण एशिया के चुनिंदा बाजारों में D2D सैटेलाइट कनेक्टिविटी सेवाएं शुरू करने की है. हालांकि, इसका कमर्शियल लॉन्च रेगुलेटरी मंजूरी और स्पेक्ट्रम की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. कंपनी 2027 के अंत तक इन सेवाओं का ट्रायल शुरू करने की तैयारी कर रही है.
भारत के साथ बांग्लादेश और श्रीलंका पर नजर
Nelco के D2D ऑफरिंग के शुरुआती बाजारों में भारत के साथ बांग्लादेश और श्रीलंका भी शामिल हो सकते हैं. D2D तकनीक के जरिए मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से कनेक्ट हो सकेंगे. कंपनी का मानना है कि आने वाले 7 से 10 वर्षों में यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है.
कंपनी की रणनीति को उसके Lunar Holdco Inc में किए गए 2 करोड़ डॉलर के निवेश से भी मजबूती मिली है. Lunar Holdco एक सैटेलाइट मोबाइल कनेक्टिविटी कंपनी है, जो Elveo Mobile ब्रांड के तहत काम करती है. Nelco के MD और CEO पीजे नाथ के मुताबिक, इस निवेश का उद्देश्य कंपनी को केवल सैटेलाइट सेवाओं के वितरक के बजाय D2D इकोसिस्टम में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में स्थापित करना है.
खुद का सैटेलाइट कंस्टीलेशन बनाने की योजना नहीं
कंपनी अरबों डॉलर खर्च करके अपना खुद का सैटेलाइट कंस्टीलेशन बनाने के बजाय पार्टनरशिप के जरिए इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. Nelco का फोकस व्यापक सैटेलाइट कनेक्टिविटी इकोसिस्टम में योगदान देने पर है. कंपनी D2D के इस्तेमाल के लिए IoT, स्मार्ट एग्रीकल्चर, एसेट मॉनिटरिंग, कनेक्टेड व्हीकल और समुद्री संचार जैसे क्षेत्रों की संभावनाएं तलाश रही है. शुरुआती स्तर पर Nelco का कारोबार मुख्य रूप से B2B और B2G मॉडल पर केंद्रित रहेगा. इसके तहत कंपनी सीधे ग्राहकों को सेवाएं देने के बजाय टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम करेगी.
रेगुलेशन और स्पेक्ट्रम से तय होगी लॉन्च की टाइमलाइन
भारत में D2D सेवाओं की शुरुआत काफी हद तक सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए तैयार किए जा रहे रेगुलेटरी और स्पेक्ट्रम फ्रेमवर्क पर निर्भर करेगी. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क के प्रस्तावित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क के तहत D2D सेवाओं पर इंडस्ट्री से सुझाव मांग रहा है.
D2D सेवाओं के लिए मोबाइल सैटेलाइट सर्विस स्पेक्ट्रम या टेरेस्ट्रियल मोबाइल स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर टेरेस्ट्रियल स्पेक्ट्रम का उपयोग होता है, तो मौजूदा टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ सहयोग जरूरी होगा.
Nelco के मुताबिक, सैटेलाइट कनेक्टिविटी को टेरेस्ट्रियल नेटवर्क के विकल्प के बजाय उसके विस्तार के रूप में देखा जा सकता है. खासकर दूरदराज के इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जगहों पर इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण हो सकता है, जहां पारंपरिक नेटवर्क स्थापित करना मुश्किल या महंगा होता है.
GEO, LEO और MEO के साथ मल्टी-ऑर्बिट रणनीति
D2D Nelco की व्यापक सैटेलाइट रणनीति का सिर्फ एक हिस्सा है. कंपनी ऑर्बिट-एग्नोस्टिक रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक GEO, LEO और MEO सैटेलाइट के साथ D2D और टेरेस्ट्रियल नेटवर्क को जोड़ा जाएगा.
पीजे नाथ ने कहा कि LEO ब्रॉडबैंड सेवाओं के लॉन्च में देरी से भारतीय सैटेलाइट कम्युनिकेशन बाजार में नए अवसरों की रफ्तार प्रभावित हुई है. हालांकि, Nelco कई LEO ऑपरेटरों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है और रेगुलेशन तथा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए संभावित साझेदारियों का आकलन कर रही है.
Reliance Jio समेत बढ़ती प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक मानती है कंपनी
सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को Nelco सकारात्मक रूप में देखती है. Reliance Jio समेत कई कंपनियां इस क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रही हैं. Nelco का मानना है कि भारत जैसे बड़े बाजार में कई सैटेलाइट कनेक्टिविटी प्रदाताओं के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं.
कंपनी के अनुसार, सैटेलाइट कम्युनिकेशन का अगला चरण टेरेस्ट्रियल नेटवर्क को खत्म करने के बजाय अलग-अलग तकनीकों को एक साथ जोड़कर कनेक्टिविटी का विस्तार करने का होगा. ऐसे में रेगुलेटरी स्पष्टता के साथ D2D आने वाले वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया के कम्युनिकेशन बाजार में एक अहम ग्रोथ सेगमेंट बन सकता है.
टैग्स