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NBFCs का सिक्योरिटाइजेशन दबदबा: FY 2026 में वॉल्यूम 1.87 लाख करोड़ तक पहुंचा

तीसरी तिमाही में NBFCs ने कुल रिटेल वॉल्यूम का लगभग 97% संभाला, और गोल्ड व वाहन लोन पूल्स में मजबूत वॉल्यूम दर्ज किया गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में NBFCs ने सिक्योरिटाइजेशन बाजार में दबदबा बनायाlo है. क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कुल वॉल्यूम 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जिसमें तीसरी तिमाही में ओरिजिनेशन में 35% साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई. बैंक का योगदान सीमित रहा, जबकि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने गोल्ड और वाहन लोन पूल में मजबूत वॉल्यूम से बाजार को गति दी. यह वृद्धि मुख्य रूप से (NBFCs) की ओरिजिनेशन के चलते हुई, जबकि बैंकों की ओरिजिनेशन सीमित रही.

तीसरी तिमाही में NBFCs ने बढ़ाया दबदबा

तीसरी तिमाही के दौरान कुल वॉल्यूम 63,000 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही के अनुरूप है. हालांकि पिछले वर्ष बैंकों का योगदान महत्वपूर्ण था, इस वर्ष उनका शेयर नगण्य रहा. इसे NBFCs की बढ़ती गतिविधियों ने संतुलित किया. NBFCs की ओरिजिनेशन ने केवल तीसरी तिमाही में ही 35% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जो मुख्य रूप से गोल्ड और वाहन लोन पूल्स में हुई मजबूत वॉल्यूम से प्रेरित थी. इसके परिणामस्वरूप इस तिमाही में ओरीजिनेटर मिक्स में बदलाव आया, NBFCs ने कुल रिटेल वॉल्यूम का लगभग 97% हिस्सा संभाला, जबकि पिछले वर्ष यह लगभग 71% था.

ओरिजिनेटर बेस का विस्तार

इस वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल ओरिजिनेटरों की संख्या 200 रही, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 150 थी, जिनमें अधिकांश NBFCs थे. क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक अपर्णा किरुबाकरन का कहना है, “NBFCs की ओरिजिनेशन में मजबूत वृद्धि मुख्य रूप से गोल्ड और वाहन लोन की सिक्योरिटाइजेशन में बड़े वॉल्यूम से प्रेरित रही. ओरिजिनेटरों की संख्या में वृद्धि ने भी बाजार गतिविधियों का समर्थन किया. मांग की तरफ, प्राथमिकता क्षेत्र लोन (PSL) की मांग ने भी बाजार को मजबूती दी, क्योंकि बैंकों ने अपने PSL लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सिक्योरिटाइजेशन में निवेश किया.”

PTC लेनदेन प्रमुख बने

पास-थ्रू सर्टिफिकेट (PTC) लेनदेन ने नौ महीने की अवधि में वॉल्यूम का 62% हिस्सा बनाया. इस दौरान डायरेक्ट असाइनमेंट (DA) लेनदेन में भी बढ़ोतरी हुई, खासकर गोल्ड और माइक्रोफाइनेंस लोन पूल्स के सेल-डाउन के चलते. नई को-लेन्डिंग दिशानिर्देशों के कारण कुछ ओरिजिनेटरों ने DA वॉल्यूम बढ़ाना शुरू कर दिया है.

सिक्योरिटाइजेशन में रिटेल एसेट्स का प्रदर्शन

गोल्ड लोन : 12% हिस्सेदारी के साथ बड़ी वृद्धि, पिछले वर्ष केवल 1% थी.

वाहन लोन : कुल वॉल्यूम में हिस्सेदारी घटकर 43% रही, जबकि NBFC वाहन पूल ने 14% की वृद्धि दर्ज की.

मॉर्टगेज : पिछले वर्ष के 23% से घटकर 17%.

माइक्रोफाइनेंस : 12% हिस्सेदारी के साथ स्थिर वृद्धि.

व्यक्तिगत और व्यवसायिक लोन : 15% हिस्सेदारी, हल्की गिरावट के साथ.

बैंक निवेशकों में अग्रणी, PTC में भी बढ़ोतरी

बैंक निवेशक वर्ग में मुख्य भूमिका निभाते रहे. साथ ही, PTC में सुरक्षित पूलों के अच्छे प्रदर्शन के कारण म्यूचुअल फंड जैसी संस्थाओं ने भी निवेश गतिविधियों को बढ़ाया. क्रिसिल के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026 में वॉल्यूम स्थिर रहने की संभावना है, क्योंकि NBFCs सिक्योरिटाइजेशन के माध्यम से धन जुटाना जारी रखेंगी. इसके अलावा, अधिकांश बैंकों में क्रेडिट-डेपॉजिट अनुपात में मामूली वृद्धि के चलते बैंक-नेतृत्व वाली ओरिजिनेशन में भी कुछ बढ़ोतरी की उम्मीद है.

 


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