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NLP से आपको होने वाले हैं ये बड़े फायदे, सुधरेगी देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग

इस पॉलिसी का आम जनता पर तो असर पड़ेगा ही साथ ही आत्मनिर्भर भारत को रफ्तार मिलेगी और देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भी सुधार देखने को मिलेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने हाल ही में नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को मंजूरी दी है. इस पॉलिसी का आम जनता पर तो असर पड़ेगा ही साथ ही आत्मनिर्भर भारत को रफ्तार मिलेगी और देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भी सुधार देखने को मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते ही इस पॉलिसी को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी थी.

सामान की हो सकेगी निर्बाध आवाजाही

नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी (National Logistics Policy) से देशभर में माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा. इससे परिवहन लागत घटेगी और सामान को जल्द से जल्द देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क का ढांचा निर्धारित करने की वकालत करती है.

इन चार बातों पर रहेगा पॉलिसी का फोकस

डिजिटल सिस्टम का एकीकरण (आईडीएस): एक तरह से हमने चीन से प्रेरणा ली है। सात अलग-अलग विभागों (सड़क परिवहन, रेलवे, सीमा शुल्क, विमानन, विदेश व्यापार और वाणिज्य मंत्रालय) के 30 विभिन्न सिस्टम को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा. इससे कार्गो की समय पर आवाजाही में सुधार होगा.

यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप): इसके तहत मैन्युफैक्चर्स को अपने कंसाइनमेंट की लोकेशन का पता लगाने में मदद मिलेगी. साझा की गई जानकारी शामिल किए गए स्टेकहोल्डर्स के लिए गोपनीय होगी. मसलन, कौन सी मालगाड़ियां उपलब्ध हैं, उनकी क्षमता क्या है? संक्षेप में यह रीढ़ की हड्डी के रूप में सूचना के साथ कार्गो की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगा.

ईज ऑफ लॉजिस्टिक (ईएलओजी): एक पॉलिसी जो  अभी भी चल रही है. इसके तहत नियमों को जटिल से आसान बनाया जाएगा. यह भारत के विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ विश्व स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा. 

सिस्टम इम्प्रूवमेंट ग्रुप (एसआईजी): हम जो कुछ भी बनाते हैं उसे भविष्य में अपग्रेडेशन की आवश्यकता हो सकती है. एसआईजी इस पर ध्यान देंगे. 

हालांकि हैं पॉलिसी में कई सारी पेचेदगियां 

हालांकि इस नई पॉलिसी में कई सारी पेचेदगियां है जैसे कि सरकार कंटेनर टर्नअराउंड समय को 44 से घटाकर 26 घंटे करना चाहती है. इसे और कई अन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमें बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी. भारत ने अगले पांच वर्षों में 'नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन' के माध्यम से बुनियादी ढांचे पर 1.4 ट्रिलियन अमेरीकी डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है.  प्रधान मंत्री ने कहा है कि नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी अच्छी तरह से सोच कर और आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद बनाई गई है. वह मौजूदा योजनाओं के सामंजस्य को जानते हैं. पीएम ने यह भी कहा कि पीएम गतिशक्ति योजना इस पॉलिसी का प्रमुख स्तंभ होगा.

हमें अब नीति की आवश्यकता क्यों पड़ी?

ग्लोबल लॉजिस्टिक्स समिट में राज्य और वाणिज्य मंत्री सीआर चौधरी ने कहा, "भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 14 फीसदी खराब लॉजिस्टिक से खो रहा है". संख्यात्मक रूप से, यह 80 से 90 बिलियन अमेरीकी डॉलर के बीच है. ये किसी भी देश की जीडीपी के लिए बड़े आंकड़े हैं.

ऐसे बढ़ेगी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग

यह पॉलिसी भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी जबकि इसकी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार करेगी. भारतमाला, UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) और सागरमाला जैसे इनिशिएटिव्स के साथ सरकार पहले ही इसे महसूस कर चुकी है. नितिन गडकरी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स की लागत 14 से 16 फीसदी है और इसे घटाकर 10 फीसदी किया जाना चाहिए. इसका मतलब कंपनियों को स्थानीय स्तर पर निर्माण के लिए आमंत्रित करना है, जिसका भारत में रोजगार बाजार पर असर पड़ता है. 

चीन में यह पहले से ही 10 फीसदी, यूरोपियन यूनियन में लगभग 8 फीसदी और संयुक्त राज्य अमेरिका में 8 फीसदी है. उदाहरण के लिए, चीन ने हाल ही में एक राज्य के स्वामित्व वाले लॉजिस्टिक्स बीहमोथ का अनावरण किया है, जो इसकी लॉजिस्टिक प्रतिस्पर्धा में और सुधार करेगा. विश्व बैंक ने हाल ही में जारी लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स में भारत को 160 देशों में 35वें स्थान पर रखा है. यह स्थिति नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी की रीढ़ है. 

आप पर ऐसे पड़ेगा असर

अब समय आ गया है कि हम समझें कि लॉजिस्टिक्स न केवल एक राष्ट्रीय मुद्दा है, बल्कि व्यक्तिगत भी है. पिछली बार आप जिस रोड ट्रिप पर गए थे, आखिरी फ्लाइट आपने बुक की थी या आखिरी बार जब आपने किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से ऑर्डर किया था, यह सब कुशल लॉजिस्टिक्स के कारण है. यदि आप यात्रा के लिए भारी भुगतान कर रहे थे या आपकी ई-कॉमर्स खरीद की लागत जेब से बाहर थी, तो इस बात की बहुत अच्छी संभावना है कि बेकार लॉजिस्टिक समस्या का एक हिस्सा था. जब से नई लॉजिस्टिक पॉलिसी लागू हुई है फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे बड़े प्लेयर्स भी खुश हैं, क्योंकि परिवहन में आसानी का मतलब उनके लिए जीत की स्थिति है. जाहिर है, यह नीति सभी को प्रभावित करेगी.

VIDEO: तेल पर बोलते हुए घी पर निशाना साध गए बाबा रामदेव, जानिए क्या कहा?

 


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