होम / बिजनेस / देश में खुलेगा ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय’, 100 भाषाओं में उपलब्ध होंगी 10 हजार किताबें
देश में खुलेगा ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय’, 100 भाषाओं में उपलब्ध होंगी 10 हजार किताबें
राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय ऐप में फिक्शन, नॉन फिक्शन, विज्ञान एवं तकनीकी, भारत के इतिहास, संस्कृति गैर शैक्षणिक पुस्तकें पीडीएफ फॉमेट, ई-पब, ऑडियो बुक्स का एक्सेस मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश में शिक्षा का डिजिटलीकरण के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय शुरू करने की पहल की है. इसके लिए शिक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी ने नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के साथ एक एमओयू पर साइन किया है. राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय एक डिजिटल लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म होगा, जिसके माध्यम से गांव-देहात तक अच्छी शिक्षा और किताबों की उपलब्धता बढ़ाया जा सकेगा.
24X7 मिलेगा किताबों का एक्सेस
डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी ने कहा है कि बच्चों र किशोरों के बीच पढ़ने की आदत बनी रहे, इसके लिए राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय एक बेहद अच्छा विकल्प बनने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय लोगों को देशभर में 24×7 किताबों की एक्सेस देगा. बच्चे इस पर मौजूद किताबों को किसी भी लोकेशन से कभी भी पढ़ाई कर सकेंगे. ये उन राज्यों के लिए बहुत फायदेमंद होगा, जहां लोगों का लाइब्रेरी तक एक्सेस सीमित है.
मिलेंगी 10 हजार एकेडमिक और नॉन-एकेडमिक किताबें
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय में बच्चों को अगले 2 से 3 साल के अंदर 100 भाषाओं में 10,000 किताबों का एक्सेस मिलेगा. वहीं, इस प्लेटफॉर्म पर अच्छी किताबों के सिलेक्शन के लिए एक ‘कंटेंट एनरिचमेंट कमेटी’ भी बनाई जाएगी. वहीं, राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय पर नॉन-एकेडमिक किताबों को भी शामिल किया जाएगा. इस ऐप में फिलहाल 23 भाषाओं में 1 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं. एनबीटी से एएमयू साइन होने के बाद इसमें 10 हजार पुस्तकों को जोड़ा जाएगा.
मोबाइल से लेकर लैपटॉप में पढ़ सकते हैं किताबें
बच्चों और किशोरों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने और भारत के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, विज्ञान एवं तकनीकी में विकास कार्यों से जोड़ने के लिए शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की शुरुआत की गई थी, यह भारत का एकमात्र ऐसा ऐप है, जहां पर पाठकों को देशभर के प्रकाशकों की पुस्तकें नि:शुल्क पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं. यह एंड्रॉयड, आईओएस और वेब आधारित ऐप्लिकेशन है, जिसे पाठक मोबाइल फोन में भी डाउनलोड कर सकते हैं और डेस्कटॉप या लैपटॉप पर भी इसके वेबपेज पर जा सकते हैं.
चार आयु वर्ग में मौजूद किताबें
इस ऐप में फिक्शन, नॉन फिक्शन, विज्ञान एवं तकनीकी, भारत के इतिहास, संस्कृति सहित व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ और भी कई समसामयिक विषयों की गैर शैक्षणिक पुस्तकें पीडीएफ फॉमेट, ई-पब, ऑडियो बुक्स के रूप में हैं. बच्चे और किशोर पाठक अपनी आयु के अनुसार, अपनी पसंद के विषय की पुस्तकें कहीं भी और कभी भी बिना कोई पंजीकरण शुल्क दिए पढ़ सकते हैं. ऐप में पुस्तकों को चार आयु वर्गों में रखा गया है, जिसेमें 3 से 8 वर्ष, 8 से 11 वर्ष, 11 से 14 वर्ष और 14 से अधिक आयु के पाठकों के अनुसार किताबें हैं.
टैग्स