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मुहम्मद यूनुस पर सेना प्रमुख की हत्या की साजिश का आरोप, देश छोड़ने की तैयारी
बांग्लादेश सेना ने सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपों के बाद अपना समर्थन वापस लिया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस आज रात बांग्लादेश छोड़ने की बेतहाशा तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि बांग्लादेश सेना ने सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान की हत्या की साजिश में उनके कथित संलिप्तता के चलते अपना समर्थन वापस ले लिया है. सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आज रात ढाका में एक प्राइवेट जेट के उतरने की संभावना है, जो यूनुस को उस देश ले जाएगा, जहां उनकी नागरिकता है, क्योंकि उनकी अंतरिम सरकार ढहने के कगार पर है.
यह विस्फोटक आरोप 21 मई 2025 को पत्रकार नबनीता चौधरी के एक पॉडकास्ट में सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि यूनुस के सहयोगियों ने जनरल वाकर-उज-जमान को खत्म करने के लिए एक विदेशी हत्यारे की भर्ती की योजना बनाई थी. चौधरी के अनुसार, सेना प्रमुख ने खुद इस साजिश का खुलासा सेना मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय 'दरबार' में किया, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित थे. इस खुलासे ने बांग्लादेश में सनसनी फैला दी है और यूनुस तथा सेना के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है.
जनरल वाकर-उज-जमान, जिन्होंने कथित तौर पर अगस्त 2024 के विद्रोह के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सुरक्षित विदाई में मदद की थी, यूनुस की अंतरिम सरकार के मुखर आलोचक बनकर उभरे हैं. यूनुस के साथ हाल ही में हुई एक बैठक में सेना प्रमुख ने सख्त चेतावनी दी कि राष्ट्रीय चुनाव 30 दिसंबर 2025 तक कराए जाएं और यह कि अंतरिम सरकार के पास आर्थिक गलियारों को मंजूरी देने या विदेशी संस्थाओं को अनुबंध देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अधिकार नहीं है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनरल वाकर ने जोर देकर कहा, “केवल एक निर्वाचित सरकार ही देश का भविष्य तय कर सकती है.”
इस कथित हत्या की साजिश ने यूनुस के प्रति सेना का विश्वास और भी कमजोर कर दिया है, और सूत्रों का कहना है कि सेना प्रमुख द्वारा सार्वजनिक रूप से चुनाव कराने की मांग और "भीड़ हिंसा" के खिलाफ कड़ा रुख अंतरिम सरकार से सैन्य समर्थन की पूरी तरह वापसी का संकेत है. सेना की नाराज़गी यूनुस की ओर से संसदीय चुनावों के लिए स्पष्ट रोडमैप की घोषणा न करने से और भी बढ़ गई है, यही मांग बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और अन्य राजनीतिक दल भी कर रहे हैं.
द डेली स्टार की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि यूनुस की प्रशासन ने 5 अगस्त 2024 से 266 पत्रकारों को हत्या और हमले जैसे आपराधिक मामलों में निशाना बनाया है. इन कार्रवाइयों को प्रतिशोधात्मक बताया गया है और असहमति की आवाजों को चुप कराने का प्रयास बताया गया है. इन घटनाओं की व्यापक निंदा हुई है, मीडिया फ्रीडम कोएलिशन और ह्यूमन राइट्स वॉच ने अंतरिम सरकार पर प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने और हटाई गई आवामी लीग के समर्थकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. पत्रकारों पर इस सख्त कार्रवाई और कथित हत्या की साजिश ने यूनुस की नेतृत्व शैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और उनके लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता पर संदेह पैदा कर दिया है.
ढाका में अफवाहें फैल रही हैं कि यूनुस, जो बढ़ते दबाव और संभावित सैन्य प्रतिक्रिया का सामना कर रहे हैं, अब बेतहाशा तरीके से भागने का रास्ता तलाश रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि एक प्राइवेट जेट, जिसे संभवतः अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जरिए व्यवस्थित किया गया है, आज रात उन्हें उस देश ले जाने के लिए आएगा जहां उनकी नागरिकता है. माना जा रहा है कि यह कोई पश्चिमी देश हो सकता है जो उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रति सहानुभूति रखता है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP), जिसे यूनुस का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है, चुनाव से पहले मौलिक सुधारों की मांग कर रही है, जबकि BNP तुरंत चुनाव कराने की मांग कर रही है.
जनरल वाकर-उज-जमान के ढाका कैंटोनमेंट में हालिया भाषण, जिसमें उन्होंने “संगठित अराजकता” की निंदा की और कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाने की बात कही, ने सैन्य हस्तक्षेप की आशंका को और बढ़ा दिया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि म्यांमार के रखाइन राज्य में मानवीय कॉरिडोर जैसे अहम मुद्दों पर निर्णय केवल एक निर्वाचित सरकार को लेना चाहिए. यह यूनुस के साथ बढ़ते मतभेद को दर्शाता है. सेना प्रमुख द्वारा यूनुस को कथित हत्या की साजिश को लेकर दी गई चेतावनी ने इस संकट को और गहरा कर दिया है, और सैन्य सूत्रों ने स्थिरता बहाल करने के लिए संभावित कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
जैसे ही बांग्लादेश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, यूनुस के खिलाफ लगे आरोप उनके नोबेल पुरस्कार विजेता और वैश्विक सूक्ष्म वित्त समर्थक के रूप में विरासत पर गहरा सवाल खड़ा करते हैं. अगर कथित हत्या की साजिश की पुष्टि होती है, तो यह देश के अशांत राजनीतिक परिदृश्य में एक नया निम्न स्तर होगा, जो अंतरिम सरकार की वैधता और चल रही अशांति से निपटने की उसकी क्षमता पर गंभीर प्रश्न उठाता है.
अब देश सांसें थामे हुए है, यूनुस के संभावित पलायन की पुष्टि और सेना की अगली चाल की प्रतीक्षा कर रहा है. जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं और राजनीतिक धड़े सत्ता की होड़ में हैं, बांग्लादेश अपने लोकतांत्रिक सफर के एक निर्णायक क्षण की ओर बढ़ रहा है.
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