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'लाल' होते टमाटर के होश ठिकाने लगाने के लिए सरकार ने बनाया ये Plan
पिछले कुछ दिनों में ही टमाटर की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है. चढ़ती कीमत के चलते टमाटर की डिमांड भी प्रभावित हो रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
टमाटर (Tomato) की लगातार चढ़ती कीमतों को नीचे लाने के लिए सरकार हरकत में आ गई है. मोदी सरकार ने इसके लिए नेशनल एग्रीकल्चारल कॉरपोरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) और नेशनल कॉरपोरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन (NCCF) को साथ लेकर एक प्लान तैयार किया है. सरकार ने NAFED और NCCF को कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की मंडियों से टमाटर खरीदने और उन्हें ऐसे प्रमुख कंज्यूमर सेंटर्स में डिस्ट्रीब्यूट करने का निर्देश दिया है, जहां रिटेल सेल ज्यादा होती है. बता दें कि टमाटर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कुछ शहरों में इसकी कीमत 150 से 200 रुपए पहुंच गई है.
यहां बेचे जाएंगे टमाटर
सरकार के प्लान के मुताबिक, 14 जुलाई तक Delhi-NCR में सस्ती दरों पर रिटेल दुकानों के माध्यम से टमाटर बेचे जाएंगे. सस्ते टमाटर उन क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूट किए जाएंगे जहां पिछले एक महीने में खुदरा कीमतें ऑल इंडिया एवरेज से ज्यादा हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में टमाटर की कीमतें 326.13 फीसदी बढ़ी हैं. टमाटर के इस तरह 'लाल' होने की कई वजह हैं, जिसमें मौसम का भी बड़ा हाथ है. हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण स्थिति बिगड़ गई है. हिमाचल राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी आदि का प्राइमरी स्पलायर है.
अलग-अलग पैदावार
टमाटर के उत्पादन की बात करें, तो लगभग हर राज्य में अलग-अलग मात्रा में टमाटर की पैदावार होती है. हालांकि, इसका सबसे ज्यादा उत्पादन दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में होता है, जिनका कुल प्रोडक्शन में 56 से 58 फीसदी योगदान है. कंज्यूमर मामलों के विभाग के अनुसार, जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर के दौरान टमाटर का उत्पादन कम होता है. जुलाई में अमूमन मानसून के चलते टमाटर की कीमतें ज्यादा देखने को मिलती हैं. क्योंकि इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बाधा पैदा आती है. साथ ही ट्रांजिट लॉस भी बढ़ता है.
यहां बन रही है उम्मीद
मध्य प्रदेश, गुजरात सहित कुछ अन्य राज्यों में टमाटर की आपूर्ति ज्यादातर महाराष्ट्र के सतारा, नारायणगांव और नासिक से होती है, जो इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले (चित्तूर) में भी उचित मात्रा में आवक जारी है. दिल्ली-NCR में आवक मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश से होती है और कुछ हिस्सा कर्नाटक के कोलार से आता है. बताया जा रहा है कि नासिक जिले से जल्द ही नई आवक की उम्मीद है. इसके अलावा, अगस्त में नारायणगांव और औरंगाबाद बेल्ट से एक्स्ट्रा सप्लाई मिल सकती है, जिससे टमाटर की कीमतों में कुछ नरमी आएगी.
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