होम / बिजनेस / सरकार के एक आदेश से क्यों परेशान हैं मोबाइल कंपनियां, आपकी जेब पर कैसे होगा असर?

सरकार के एक आदेश से क्यों परेशान हैं मोबाइल कंपनियां, आपकी जेब पर कैसे होगा असर?

नाविक को सपोर्ट करने वाले मोबाइल फोन तैयार करने के लिए कंपनियों को उनका हार्डवेयर बदलना होगा, जो खर्चीला काम है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

स्मार्टफोन बनाने वालीं कंपनियां जैसे कि सैमसंग, शाओमी, एप्पल और वीवो मोदी सरकार के एक आदेश से परेशान हैं. इस आदेश पर अमल के लिए उन्हें अपने स्मार्टफोन के हार्डवेयर में बदलाव करना होगा, जिससे स्मार्टफोन बनाने की लागत बढ़ेगी. इसके अलावा भी उन्हें कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. चलिए समझते हैं कि आखिर पूरा माजरा क्या है? 

अभी GPS होता है इस्तेमाल
सरकार ने मोबाइल कंपनियों से कहा है कि अब उन्हें अपने स्मार्टफोन को घरेलू नेविगेशन सिस्टम के मुताबिक बनाना होगा. फिलहाल कंपनियां नेविगेशन के लिए ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (GPS) का इस्तेमाल करती हैं. इसका मतलब हुआ कि सरकार के आदेश पर अमल के लिए उन्हें हाईवेयर में बदलाव करना होगा. जाहिर है, इससे उनकी लागत बढ़ेगी. 

कंपनियों ने जताई आपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में कुछ बैठकें भी हुई हैं, जिनमें एप्पल इंक, शाओमी कॉर्प और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई थी. कंपनियों का कहना है कि स्मार्टफोन को नाविक कंप्लायंट बनाने का मतलब होगा, ज्यादा रिसर्च और उत्पादन लागत में इजाफा. इसके साथ ही उन्हें ज्यादा टेस्टिंग की मंजूरी की भी ज़रूरत होगी. बता दें कि सरकार ने इसके लिए एक जनवरी की डेडलाइन तय की है. वहीं, कंपनियों का कहना है कि इससे कारोबार करने और नए लॉन्च में रुकावटें आ सकती हैं.

ये है सरकार की योजना
मोदी सरकार विदेशी सामान-टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करना चाहती है. इसी के मद्देनजर मोबाइल फोन में 'नाविक' के इस्तेमाल का फैसला लिया गया है. फिलहाल स्मार्टफोन में नेविगेशन के लिए ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (GPS) का इस्तेमाल हो रहा है. सरकार का मानना है कि नाविक से नेविगेशन को और बेहतर बनाया जा सकता है, क्योंकि यह ज्यादा सटीक है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा.   

क्या है नाविक नेविगेशन सिस्टम?
नाविक भारत का अपना सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है, जिसे इसरो ने तैयार किया है. सरल शब्दों में समझें तो जिस तरह अमेरिका के पास GPS है, रूस के पास ग्लोनॉस है, यूरोप के पास गैलीलियो और चीन के पास BeiDou नेविगेशन सिस्टम है, उसी तरह भारत के पास भी खुद का नाविक (NavIC) नेविगेशन सिस्टम है. इसरो का दावा है कि NavIC नेविगेशन सिस्टम GPS की तुलना में ज्यादा सटीक जानकारी देता है. बता दें कि नाविक काफी सालों से मौजूद है, लेकिन इसका इस्तेमाल बेहद कम होता है. लिहाजा सरकार चाहती है कि स्मार्टफोन कंपनियां 2023 से ऐसे फोन बाजार में उतारें, जो नाविक को सपोर्ट करते हों.

महंगे हो सकते हैं फोन
नाविक को सपोर्ट करने वाले मोबाइल फोन तैयार करने के लिए कंपनियों को उनका हार्डवेयर बदलना होगा, जो खर्चीला काम है. यानी कंपनियों के लिए प्रति स्मार्टफोन की लागत बढ़ जाएगी. ऐसे में वो इस बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ ग्राहकों पर भी डालेंगी. यही अमूमन होता है, जब कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ती है, तो वह प्रोडक्ट महंगा कर देती हैं. लिहाजा, इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले समय में स्मार्टफोन महंगे हो सकते हैं. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कमजोर डॉलर से रुपया मजबूत, शुरुआती कारोबार में 28 पैसे चढ़ा

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों और बेहतर वैश्विक माहौल से रुपये को मिला समर्थन

1 second ago

TKIL Industries को Q1 FY27 में ₹1,475.40 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, इंजीनियरिंग और EPC कारोबार को मिली मजबूती

कंपनी ने कहा कि यह प्रदर्शन भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग, ऊर्जा और संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे निवेश और उसकी मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता पर ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है.

2 hours ago

₹1,800 करोड़ का IPO लेकर आ रही Juniper Green Energy, 30 जुलाई से खुलेगा इश्यू, जानें पूरी डिटेल

IPO से जुटाई गई राशि में से ₹683.24 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट के लिए करेगी.

3 hours ago

₹140 लाख करोड़ का ब्लैक बॉक्स: SEBI की खतरनाक अनदेखी

क्या इसकी कीमत खुदरा निवेशक चुका रहे हैं?

4 hours ago

NTPC का ₹12,000 करोड़ जुटाने का प्लान, NCD जारी करने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी

कंपनी यह रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी कर जुटाएगी. इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेना जरूरी होगा.

5 hours ago


बड़ी खबरें

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कमजोर डॉलर से रुपया मजबूत, शुरुआती कारोबार में 28 पैसे चढ़ा

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों और बेहतर वैश्विक माहौल से रुपये को मिला समर्थन

1 second ago

₹1,800 करोड़ का IPO लेकर आ रही Juniper Green Energy, 30 जुलाई से खुलेगा इश्यू, जानें पूरी डिटेल

IPO से जुटाई गई राशि में से ₹683.24 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट के लिए करेगी.

3 hours ago

घर खरीदने की बजाय किराए को क्यों चुन रहे हैं युवा? EMI से ज्यादा निवेश और वित्तीय आजादी को दे रहे तरजीह

महंगी प्रॉपर्टी, ऊंची होम लोन EMI और बदलते करियर ट्रेंड के चलते मिलेनियल्स और जेन-जी का रुख बदला. NoBroker की रिपोर्ट में 46% किराएदारों ने लंबे समय तक किराए पर रहने को बताया बेहतर विकल्प

13 minutes ago

TKIL Industries को Q1 FY27 में ₹1,475.40 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, इंजीनियरिंग और EPC कारोबार को मिली मजबूती

कंपनी ने कहा कि यह प्रदर्शन भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग, ऊर्जा और संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे निवेश और उसकी मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता पर ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है.

2 hours ago

PNB-IGBC साझेदारी: ग्रीन होम खरीदने वालों को मिलेगा सस्ता लोन, ब्याज में भी छूट

IGBC सर्टिफाइड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों को PNB की हरित आवास योजना का लाभ मिलेगा. इसके साथ ही ब्याज दर में छूट समेत कई अन्य सुविधाएं भी प्राप्त होंगी.

4 hours ago