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MobiKwik की सहायक कंपनी को मिली पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी, जानें शेयर का हाल

MobiKwik का यह कदम न केवल कंपनी की डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि भारत में बढ़ते डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में उनकी भूमिका को भी सशक्त बनाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबीक्विक की सहायक कंपनी जाक ई-पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (ZaakPay) को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की अनुमति दे दी है. यह मंजूरी पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 के तहत दी गई है, जिससे अब जाकपे अधिकृत रूप से ऑनलाइन लेनदेन को प्रोसेस कर सकेगी. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. 

डिजिटल विस्तार की ओर बड़ा कदम  
मोबीक्विक ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि यह अनुमति डिजिटल पेमेंट सेक्टर में उनकी पहुंच और प्रभाव को बढ़ाएगी. जाकपे अब उन चुनिंदा फिनटेक कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्हें हाल ही में यह लाइसेंस प्राप्त हुआ है.

शेयरों पर मामूली असर
इस घोषणा से पहले ही बुधवार को मोबीक्विक का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 252.45 रुपये पर बंद हो गया था. इसमें 7.70 रुपये की गिरावट देखी गई. हालांकि अब कंपनी को उम्मीद है कि गुरुवार की छुट्टी के बाद शुक्रवार को जब शेयर बाजार खुलेगा, तो उसके शेयर में उछाल आएगा और इस मंजूरी से कंपनी को फायदा होगा. 

क्या होता है पेमेंट एग्रीगेटर?
पेमेंट एग्रीगेटर वह डिजिटल सेवा है जो ग्राहक और व्यापारी के बीच पेमेंट को सुरक्षित और आसान बनाती है. ये विभिन्न पेमेंट विकल्पों जैसे UPI, कार्ड्स, वॉलेट और नेट बैंकिंग को एक प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करते हैं. उदाहरण के लिए, स्विगी पर गूगल पे से भुगतान करते समय बीच में एक एग्रीगेटर जैसे Razorpay या Cashfree काम करता है.

पेमेंट प्रोसेस का स्टेप-बाय-स्टेप सफर 
1. ग्राहक वेबसाइट या ऐप पर "Pay Now" क्लिक करता है.  
2. एग्रीगेटर सभी पेमेंट विकल्प दिखाता है.  
3. चुने गए माध्यम से बैंक या नेटवर्क से संपर्क किया जाता है.  
4. लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए एन्क्रिप्शन और फ्रॉड डिटेक्शन टूल्स का प्रयोग होता है.  
5. पेमेंट सफल होने पर ग्राहक व व्यापारी को कन्फर्मेशन भेजा जाता है और पैसे व्यापारी के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं


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