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ई-कॉमर्स पर गुमराह करने वाले डिजाइन जल्द होंगे बंद, CCPA ने जारी की चेतावनी
डिजिटल ई-कॉमर्स के बढ़ते विस्तार के बीच उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पारदर्शी अनुभव देने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देश की सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स पर "डार्क पैटर्न" के इस्तेमाल की स्व-मूल्यांकन (Self Audit) करें. कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे तीन महीने के भीतर यह ऑडिट पूरा कर घोषणा करें कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई डार्क पैटर्न मौजूद नहीं है. डार्क पैटर्न्स वे तकनीकी डिजाइन और फीचर्स होते हैं जो ग्राहकों को भ्रमित या गुमराह करके ऐसी कार्रवाई के लिए प्रेरित करते हैं जो वे सामान्य रूप से नहीं करना चाहते हैं. जैसे, सेवा को अनजाने में सब्सक्राइब कराना, छिपे हुए शुल्क लेना या विकल्पों को भ्रमित करना है.
CCPA का उद्देश्य
CCPA ने कहा कि अगर कंपनियां खुद आगे आकर यह घोषणा करेंगी कि वे डार्क पैटर्न का इस्तेमाल नहीं कर रहीं तो इससे डिजिटल बाजार में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा. साथ ही यह कंपनियों की नैतिकता और जवाबदेही को भी दर्शाएगा.
डार्क पैटर्न्स पर निगरानी के लिए संयुक्त कार्य समूह गठित
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने इस मुद्दे पर गहराई से नजर रखने के लिए संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group – JWG) का गठन किया है. इस समूह में विभिन्न मंत्रालयों, नियामकों, उपभोक्ता संगठनों और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं. यह समूह डार्क पैटर्न्स के उपयोग की निगरानी करेगा और सरकार को समय-समय पर रिपोर्ट देगा.
प्रह्लाद जोशी ने की थी कंपनियों से चर्चा
हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 50 से अधिक ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बैठक की थी जिसमें डार्क पैटर्न्स के बढ़ते चलन पर चिंता जताई गई थी. बैठक में बताया गया कि कैसे जानबूझकर ऐसे यूआई/यूएक्स डिजाइन बनाए जा रहे हैं जो उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं.
उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने इस पर कहा, "यह कोई छोटी बात नहीं, बल्कि सुनियोजित रणनीति है. हमने सभी कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे खुद तो नियमों का पालन करें ही, अपने प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद थर्ड-पार्टी मर्चेंट्स को भी डार्क पैटर्न के इस्तेमाल से रोकें."
Ola-Uber पर भी सख्त नजर
हाल ही में CCPA ने कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों Uber और Ola को उनके "एडवांस टिप" फीचर को लेकर नोटिस भेजा है. इन पर आरोप है कि उन्होंने ऐसे फीचर पेश किए जिससे उपभोक्ता अनजाने में ही अतिरिक्त भुगतान करने को मजबूर हो जाते हैं.
2023 में जारी किए गए थे दिशा-निर्देश
डार्क पैटर्न्स पर रोक लगाने के लिए उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय पहले ही सक्रिय है. 2023 में CCPA ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे. इनमें इन गुमराह करने वाले डिजाइनों की पहचान, उन्हें प्रतिबंधित करने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के उपाय शामिल हैं.
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