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Vodafone Idea के शेयरों में जबरदस्त उछाल, 45,000 करोड़ के प्लान से लौटी निवेशकों की उम्मीद
Vodafone Idea के शेयरों में आई यह तेजी बताती है कि बाजार अभी भी कंपनी के टर्नअराउंड की संभावना को पूरी तरह नकार नहीं रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
लंबे समय से संकट से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयरों में शुक्रवार को अचानक जान आ गई. एक ही कारोबारी सत्र में शेयर करीब 13 फीसदी उछलकर 11.36 रुपये तक पहुंच गए. कंपनी की ओर से पेश की गई बड़े पैमाने की टर्नअराउंड योजना ने निवेशकों में नई उम्मीद जगाई है. हालांकि बाजार में उत्साह के बीच ब्रोकरेज फर्मों की राय अब भी बंटी हुई है और फंडिंग को लेकर सवाल बने हुए हैं. बता दें, खबर लिखेस जाने के दौरान शेयर थोड़ा नीचे आ गया और यह 11.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 11.18 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
45,000 करोड़ के निवेश प्लान से आई तेजी
Vodafone Idea ने नेटवर्क विस्तार और आक्रामक मार्केटिंग के लिए 45,000 करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप पेश किया है. इस योजना के तहत कंपनी FY26 से FY29 के बीच अपने EBITDA को तीन गुना करने और रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी का फोकस 17 प्रमुख सर्किलों में प्रतिस्पर्धियों के बराबर मजबूत 4G नेटवर्क तैयार करने पर है. इस कैपेक्स का बड़ा हिस्सा अगले 12 से 18 महीनों में खर्च किया जाएगा. बाजार को इसी स्पष्ट रणनीति ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है.
तीन साल का रोडमैप, सब्सक्राइबर बढ़ाने पर जोर
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि अगले तीन साल कंपनी के लिए बेहद अहम होंगे. रणनीति का केंद्र नए सब्सक्राइबर जोड़ना, ARPU बढ़ाना और कैश EBITDA को मजबूत करना है. Vodafone Idea अब क्वालिटी सब्सक्राइबर्स, पोस्टपेड यूजर्स और प्रीमियम कस्टमर सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान देने की तैयारी में है. कंपनी 2G यूजर्स को 4G और आगे चलकर 5G में शिफ्ट करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है, ताकि टैरिफ बढ़ोतरी का पूरा फायदा उठाया जा सके.
ब्रोकरेज हाउस की राय बंटी
शेयरों में तेजी के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों के नजरिए अलग-अलग हैं. सिटी ब्रोकरेज ने सबसे ज्यादा भरोसा दिखाते हुए 14 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है और बाय रेटिंग बरकरार रखी है. सिटी के मुताबिक, बैंकों से फंडिंग और AGR बकाया के दोबारा आकलन जैसे फैक्टर शेयर के लिए अहम साबित हो सकते हैं. हालांकि सिटी ने यह भी चेतावनी दी है कि FY29 के बाद स्पेक्ट्रम पेमेंट तेजी से बढ़ेंगे, जिससे कंपनी पर दबाव आ सकता है.
नकारात्मक रुख भी मौजूद
बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने Vodafone Idea पर अंडरपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है. ब्रोकरेज का मानना है कि सब्सक्राइबर और रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी को प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा नुकसान हो सकता है. AGR राहत के बाद भी कंपनी पर 9.53 बिलियन डॉलर की देनदारी बनी हुई है, जिसे आगे के वर्षों में चुकाना होगा. CLSA ने टारगेट प्राइस घटाकर 11 रुपये कर दिया है, जबकि ICICI सिक्योरिटीज ने 10 रुपये के लक्ष्य के साथ होल्ड रेटिंग बरकरार रखी है.
AGR राहत से मिली थोड़ी राहत
Vodafone Idea की योजना को मजबूती तब मिली जब सरकार ने 3QFY26 में AGR बकाया को 87,700 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया और भुगतान के लिए 10 साल की राहत दी. फिलहाल इस बकाया की दोबारा गणना चल रही है, जिससे आगे और राहत की उम्मीद जताई जा रही है.
इसके बावजूद कंपनी का कुल कर्ज अब भी भारी बना हुआ है. 3QFY26 में कुल कर्ज घटकर 2.09 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें स्पेक्ट्रम से जुड़ी देनदारियों का हिस्सा करीब 60 फीसदी है.
फाइनेंसिंग बनी सबसे बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों के मुताबिक Vodafone Idea के सामने सबसे बड़ी चुनौती 45,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए फंड जुटाने की है. CLSA का कहना है कि कंपनी अगले तीन साल में करीब 5 बिलियन डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही है. अगर भविष्य में स्पेक्ट्रम भुगतान का दबाव बढ़ता है, तो कंपनी को कर्ज रीफाइनेंसिंग, इक्विटी इश्यू या भुगतान शर्तों में बदलाव जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं.
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