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Marvell का भारत में बड़ा निवेश, AI और सेमीकंडक्टर विकास के लिए अगले 3 साल में लगाएगी $250 मिलियन
कंपनी के मुताबिक, भारत में बढ़ाया जा रहा यह विस्तार उसके वैश्विक इनोवेशन नेटवर्क को मजबूत करेगा और AI, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लिकेशन के लिए एडवांस्ड सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस के डिजाइन और विकास में मदद करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सेमीकंडक्टर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Marvell Technology ने भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है. कंपनी अगले तीन वर्षों में भारत में 250 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,000 करोड़ से अधिक) का निवेश करेगी. इस निवेश का इस्तेमाल तकनीक, प्रतिभा विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर किया जाएगा. कंपनी बेंगलुरु स्थित अपनी फैसिलिटी का विस्तार करेगी और हैदराबाद में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी, जिससे AI, क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर तकनीकों के विकास को गति मिलेगी.
भारत में दोगुनी करेगी कर्मचारियों की संख्या
Marvell ने बताया कि इस निवेश के तहत कंपनी अगले तीन वर्षों में भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या दोगुनी करने की योजना बना रही है. इसके अलावा बेंगलुरु ऑफिस में एक नए विंग की शुरुआत की जाएगी और हैदराबाद में ऑपरेशनल क्षमता का विस्तार किया जाएगा.
कंपनी के मुताबिक, भारत में बढ़ाया जा रहा यह विस्तार उसके वैश्विक इनोवेशन नेटवर्क को मजबूत करेगा और AI, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लिकेशन के लिए एडवांस्ड सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस के डिजाइन और विकास में मदद करेगा.
भारत बना Marvell का रणनीतिक इंजीनियरिंग हब
Marvell के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री मैनेजर नवीन बिश्नोई ने कहा कि भारत कंपनी के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है. उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी की टीम दुनिया के प्रमुख हाइपरस्केलर्स और क्लाउड प्रोवाइडर्स को सपोर्ट करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी के विकास में अहम भूमिका निभा रही है.
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) निवेश बढ़ाने, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने और नई तकनीकी प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है.
भारत में 20 साल पूरे कर रही कंपनी
Marvell ने वर्ष 2006 में बेंगलुरु से भारत में अपना परिचालन शुरू किया था. पिछले 20 वर्षों में भारत कंपनी का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा R&D केंद्र बन गया है.
बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद स्थित Marvell की टीमें एडवांस्ड प्रोसेस टेक्नोलॉजी (2nm और उससे आगे), हाई-स्पीड एनालॉग IP, सब-सिस्टम डिजाइन, सॉफ्टवेयर/फर्मवेयर डेवलपमेंट और एंड-टू-एंड सिलिकॉन डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं.
कंपनी के मुताबिक, Marvell India के कर्मचारी कई पेटेंट विकसित कर चुके हैं और इंजीनियरिंग प्रोडक्टिविटी व इनोवेशन को बढ़ाने के लिए AI टूल्स के इस्तेमाल में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर फोकस
Marvell भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री एसोसिएशंस और सरकारी संस्थानों के साथ भी काम कर रही है. कंपनी विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ इंटर्नशिप प्रोग्राम, फैकल्टी डेवलपमेंट, संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स और नए पाठ्यक्रमों के विकास पर सहयोग कर रही है, ताकि छात्रों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी क्षेत्र में करियर के लिए तैयार किया जा सके. इसके अलावा कंपनी उभरते हुए स्टार्टअप्स के साथ मेंटरशिप और रणनीतिक साझेदारी के जरिए भी काम कर रही है.
Marvell Scholarship Program से तैयार होगी नई टेक्नोलॉजी टैलेंट
कार्यक्रम के दौरान Marvell ने अपने **Marvell Scholarship for Technical and Engineering Merit (MSTEM)** प्रोग्राम को भी रेखांकित किया. इस पहल का उद्देश्य AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भविष्य की इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को तैयार करना है.
इस साल शुरू किए गए MSTEM प्रोग्राम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को वित्तीय सहायता, इंडस्ट्री एक्सपोजर और वास्तविक तकनीकी अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है.
कंपनी के अनुसार, इस प्रोग्राम के लिए भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों से 7,000 से अधिक आवेदन मिले थे, जिनमें से 100 प्रतिभाशाली छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है. यह पहल भारत में सेमीकंडक्टर और AI इनोवेशन के लिए मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने की दिशा में एक कदम है.
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