होम / बिजनेस / IDFC First Bank फ्रॉड खुलासे के बाद बाजार में हलचल, RBI ने कहा- बैंकिंग सिस्टम मजबूत
IDFC First Bank फ्रॉड खुलासे के बाद बाजार में हलचल, RBI ने कहा- बैंकिंग सिस्टम मजबूत
आने वाले दिनों में ऑडिट रिपोर्ट और नियामकीय कदम इस बात को तय करेंगे कि बाजार का भरोसा कितनी तेजी से लौटता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में सामने आए 590 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड मामले ने सोमवार को बाजार में हलचल मचा दी. बैंक के शेयरों में एक समय 20% तक की गिरावट दर्ज की गई. इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्हौत्रा ने स्पष्ट किया कि यह मामला “कोई सिस्टमिक समस्या नहीं” है और बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह मजबूत है.
RBI गवर्नर का बयान: बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित
23 फरवरी को दिए बयान में संजय मल्होत्रा ने कहा कि नियामक इस पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश की बैंकिंग प्रणाली में पूंजी पर्याप्त है और किसी तरह का व्यापक वित्तीय संकट नहीं है. गवर्नर के मुताबिक, मौजूदा समय में बैंकिंग सिस्टम की कैपिटल एडिक्वेसी करीब 17% है, जबकि नियामकीय आवश्यकता 11.5% है. साथ ही एनपीए में गिरावट और पूंजी की स्थिति में सुधार को भी उन्होंने सिस्टम की मजबूती का संकेत बताया. उन्होंने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक मनी मार्केट, बैंकिंग और सरकारी प्रतिभूति बाजारों में पर्याप्त और टिकाऊ लिक्विडिटी उपलब्ध कराता रहेगा.
शेयर बाजार में तेज गिरावट
IDFC First Bank के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. दोपहर करीब 12:35 बजे बैंक का शेयर लगभग 16% गिरकर 70.39 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इंट्राडे में यह 20% तक टूट गया था. बाजार की प्रतिक्रिया से निवेशकों की चिंता साफ झलकी, हालांकि RBI के बयान के बाद स्थिति को लेकर कुछ संतुलन आने की उम्मीद जताई जा रही है.
क्या है 590 करोड़ रुपये का मामला?
बैंक ने रविवार को खुलासा किया कि उसकी चंडीगढ़ शाखा में कुछ कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों ने मिलकर हरियाणा सरकार के विशेष खातों में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की. बैंक ने शेयर बाजारों को दी सूचना में बताया कि प्रथम दृष्टया कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियां की गईं. मामले की जानकारी RBI को दे दी गई है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. इस मामले में चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. फोरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए गए हैं और स्वतंत्र जांच के लिए KPMG को नियुक्त किया गया है. बैंक ने संकेत दिया है कि वह अन्य बैंकों से जुड़े खातों के माध्यम से संभावित रिकवरी की कोशिश करेगा.
ब्रोकरेज का आकलन: कितना बड़ा असर?
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, 590 करोड़ रुपये की राशि बैंक की कुल नेटवर्थ का लगभग 0.9% है. अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2026 के प्री-टैक्स प्रॉफिट का करीब 20% हो सकता है. UBS ने अनुमान लगाया है कि संदिग्ध राशि वित्त वर्ष 2026 के शुद्ध मुनाफे का लगभग 22% हो सकती है, हालांकि नेटवर्थ पर इसका प्रभाव करीब 1% तक सीमित रह सकता है. Morgan Stanley का भी मानना है कि वित्त वर्ष 2026 के टैक्स से पहले के मुनाफे पर लगभग 20% असर पड़ सकता है. वहीं Jefferies ने कहा है कि बैंक को निवेशकों को यह भरोसा दिलाना होगा कि यह मामला सीमित है और किसी व्यापक या सिस्टम-लेवल जोखिम में नहीं बदलेगा.
हरियाणा सरकार की कार्रवाई
मामले के बाद हरियाणा सरकार ने IDFC फर्स्ट बैंक और AU Small Finance Bank को सरकारी कामकाज से तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया है. वित्त विभाग के सर्कुलर के अनुसार, अगली सूचना तक इन बैंकों में कोई सरकारी धन जमा, निवेश या लेनदेन नहीं किया जाएगा.
RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंकिंग सिस्टम मजबूत है और यह मामला किसी व्यापक वित्तीय संकट का संकेत नहीं देता. हालांकि निवेशकों की नजर अब बैंक की आंतरिक जांच, रिकवरी प्रक्रिया और आगे की पारदर्शिता पर रहेगी.
टैग्स