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अमेरिका में मंदी की चेतावनी से बाजार में गिरावट, जापान की आर्थिक समस्या भी है खतरा?

deVere Group के Nigel Green ने यह चेतावनी दी है क्योंकि सोमवार को वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट जारी रही और डर बढ़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी का सामना कर रही है, और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के साथ की गई गलतियों की जांच की जा रही है. लेकिन एक चौंकाने वाला कारक इस मंदी को बढ़ा सकता है, यह चेतावनी दी है दुनिया की सबसे बड़ी स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार और संपत्ति प्रबंधन कंपनियों में से एक के CEO ने. 

deVere Group के Nigel Green ने यह चेतावनी दी है क्योंकि सोमवार को वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट जारी रही और डर बढ़ रहा है कि फेड अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धीमी गति के लिए पर्याप्त नीति समर्थन नहीं कर रहा है. Nigel Green का कहना है कि फेड की ब्याज दरों को लेकर आलोचना हो रही है. शुरुआत में, इसने महंगाई से लड़ने के लिए दरें बढ़ाने में धीमी गति दिखाई, और अब, जब अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, तो डर है कि यह दरें घटाने में भी बहुत धीमा है. इससे अस्थिरता पैदा हो गई है, जिससे बाजार में घबराहट बढ़ रही है और मंदी का डर पैदा हो रहा है. लेकिन वैश्विक बाजार की बिक्री के लिए एक और कारक हो सकता है और वो है जापान, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

Nigel Green का कहना है कि हाल के हफ्तों में, जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 8% बढ़ गया है, और अब यह 148.84 प्रति डॉलर पर व्यापार कर रहा है. यह तेजी जुलाई की शुरुआत से इसका गिरावट को पलटती है, जब येन 161.96 प्रति डॉलर पर था, जो दिसंबर 1986 के बाद से सबसे कमजोर था. येन के बढ़ने से 'कैरी ट्रेड' रणनीति पर समस्या आ गई है. निवेशक आमतौर पर कम ब्याज वाली मुद्राओं जैसे येन में उधार लेते हैं और उच्च ब्याज वाली मुद्राओं जैसे अमेरिकी डॉलर में निवेश करते हैं. लेकिन येन के मजबूत होने के साथ, इन ट्रेडों को बनाए रखने की लागत बहुत बढ़ गई है, जिससे निवेशक येन-नामांकित कर्ज चुकाने के लिए अमेरिकी शेयरों की तेजी से बिक्री कर रहे हैं.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि अमेरिकी बाजार वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में बदलाव के प्रति कितने संवेदनशील हैं. जैसे-जैसे येन मजबूत होता है, अमेरिकी शेयरों की कीमतें गिरती हैं, यह दिखाता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं कितनी आपस में जुड़ी हुई हैं. स्पष्ट है कि जापान की आर्थिक समस्याएं सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं हैं—इनका वैश्विक प्रभाव है. मजबूत येन जापानी कंपनियों के लिए उधार लेना महंगा बना रहा है, जो उनके निवेश और विकास की क्षमता को खतरे में डाल रहा है. जापानी व्यापार गतिविधि में slowdown अमेरिकी निर्यात और निवेश की मांग को घटा सकता है, सीधे अमेरिकी कंपनियों को प्रभावित कर सकता है जिनका जापान के साथ संबंध है.

येन की वृद्धि आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था की जटिल परस्पर निर्भरता का चेतावनी संकेत है. जैसे-जैसे अमेरिकी बाजार येन के मूल्य में बदलाव पर प्रतिक्रिया कर रहे हैं, यह घरेलू आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रभावों के बीच संतुलन को उजागर करता है. जापान की वर्तमान संकट, जो मुद्रा की उतार-चढ़ाव और बढ़ती ब्याज दरों द्वारा प्रेरित है, वैश्विक बाजारों में व्यापक बिक्री को प्रेरित कर सकती है. यह परिदृश्य अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली की नाजुकता को उजागर करता है, जहां एक प्रमुख अर्थव्यवस्था में बदलाव का वैश्विक प्रभाव हो सकता है.

जैसे-जैसे जापान अपनी आर्थिक चुनौतियों का सामना करता है, अमेरिका और वैश्विक बाजारों पर इसका प्रभाव गहरा हो सकता है, जो भविष्य के लिए आर्थिक नीतियों और बाजार रणनीतियों को आकार दे सकता है. deVere Group के CEO निष्कर्ष निकालते हैं कि हालांकि लग रहा है कि सभी की निगाहें फेड पर हैं, निवेशकों को भी पैसिफिक के पार हो रहे घटनाक्रमों पर ध्यान देना चाहिए.
 


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