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'कमजोर' मेटा थ्रेड्स को लेकर जुकरबर्ग का बड़ा दावा, जानें क्या कहा

दरअसल जुलाई में लॉन्‍च के बाद से ही थ्रेड के एक्टिव यूजर्स की संख्‍या में कमी हो रही है. इसे इस्‍तेमाल करने वाले लोगों का कहना है कि इसमें कई तरह की कमियां हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सोशल मीडिया पर मेटा के थ्रेड्स ऐप के कम एक्टिव मेंबर की खबर के बीच कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक अहम बात कही है. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा समय में इसके 100 मिलियन से कम एक्टिव मेंबर हैं लेकिन उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि जल्‍द ही इसके 1 बिलियन से ज्‍यादा एक्टिव मेंबर हो जाएंगे. उन्‍होंने बुधवार को कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा के दौरान ये अहम बात कही. मेटा थ्रेड्स में लगातार नई सुविधाओं को पेश कर रहा है जिसने उसके एक्टिव मेंबरों की संख्‍या में इजाफा किया है. 

क्‍या बोले मार्क जुकरबर्ग? 
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि हमने लंबे समय से ये सोचा था कि एक अरब लोगों के पास सार्वजनिक बातचीत करने का ऐप तो होना चाहिए जो सकारात्‍मक तरीके से काम कर सके. उन्‍होंने ये भी कहा कि अगर हम इसे अगले कुछ सालों तक बाजार में बनाए रखते हैं तो हम अपना लक्ष्‍य हासिल कर सकते हैं. मेटा के सीएफओ सुसान ली ने कहा कि थ्रेड्स अभी भी एक लॉन्‍ग टर्म अपॉरर्चुनिटी बना हुआ है और हम आने वाले साल में इस प्रोडक्‍ट को और बेहतर बनाने को लेकर काम करना चाहेंगे. 

थ्रेड पर उठते रहे हैं सवाल 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में लॉन्‍च होने के बाद से ही थ्रेड को इस्‍तेमाल करने वालों में बड़ी परेशानी रही है. उनकी शिकायत रही है कि इसमें लिमिटेड फंक्‍शन हैं. साथ ही ये भी शिकायत रही है कि इसकी फीड में ब्रैंड पोस्‍ट की बाढ़ है. जुलाई में लॉन्‍च होने के बाद से ही इसे 100 मिलियन साइन अप मिल गए थे. लेकिन बाद में कई तरह की कमी के कारण वो धीरे-धीरे कम होते चले गए. थ्रेड के लॉन्‍च के दौरान इंस्‍ट्राग्राम के प्रमुख ने कहा था कि मेटा थ्रेड के जरिए एक्‍स को अच्‍छी टक्‍कर देने में सक्षम होगा.

कैसे रहे हैं मेटा के तिमाही नतीजे? 
वहीं अगर मेटा के तिमाही नतीजों की बात करें तो उसने इसमें 34 बिलियन डॉलर का राजस्‍व कमाया है. ये पिछले साल की तुलना में 23 प्रतिशत ज्‍यादा है. आंकड़े बता रहे हैं कि मौजूदा समय में कंपनी के प्‍लेटफॉर्म को हर महीने 3.9 बिलियन लोग इस्‍तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में जुकरबर्ग की कई विशेषज्ञों के साथ हुई अंतिम बातचीत में एफिसिएंसी पर जोर दिया था. उन्‍होंने कहा था कि इसी एफिसियंसी को बनाए रखने के लिए कंपनी ने पिछले साल 20 हजार नौकरियों में कमी कर दी थी.  
 


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