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बीमा सेक्टर में बड़ा सुधार, सरकार ने 100% FDI को दी हरी झंडी
बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI की अनुमति देना सरकार का एक दूरगामी और संरचनात्मक सुधार है. इससे न केवल विदेशी पूंजी और वैश्विक विशेषज्ञता भारत आएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
बीमा उद्योग को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को पूरी तरह खत्म करते हुए 100 प्रतिशत निवेश की अनुमति दे दी है. इस फैसले से न केवल विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक विशेषज्ञता के जरिए देश में बीमा कवरेज को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
कैबिनेट की मंजूरी, संसद में पेश हो सकता है विधेयक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस कदम का उद्देश्य पूंजी निवेश को गति देना और तेजी से बढ़ते भारतीय बीमा बाजार में कवरेज का विस्तार करना है. सरकार इस प्रस्ताव से जुड़े विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है.
बजट में किया गया था FDI सीमा हटाने का ऐलान
वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में सरकार ने बीमा क्षेत्र में FDI की मौजूदा 74 प्रतिशत सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा था. साथ ही यह भी कहा गया था कि विदेशी निवेश से जुड़े नियमों और शर्तों को सरल बनाया जाएगा, ताकि निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान हो सके.
कम बीमा पहुंच को बढ़ाने पर सरकार का फोकस
FDI की तय सीमा हटाए जाने से इस क्षेत्र में अधिक पूंजी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव आने की उम्मीद है. भारत में बीमा कवरेज अब भी वैश्विक औसत से काफी पीछे है. वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर बीमा की पहुंच GDP के 4.2 प्रतिशत के बराबर रही, जबकि भारत में यह आंकड़ा करीब 1 प्रतिशत ही रहा. सरकार का मानना है कि विदेशी निवेश से इस अंतर को कम करने में मदद मिलेगी.
नियमों में ढील और कारोबार सुगमता पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित सुधारों में निर्बाध सेवा और पॉलिसीधारकों के हितों को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं. इसके तहत बीमा मध्यस्थों के लिए एक बार का पंजीकरण, कारोबार सुगमता को बढ़ावा और बीमा कंपनियों के पेड-अप इक्विटी कैपिटल के शेयर ट्रांसफर पर IRDAI की मंजूरी की सीमा को मौजूदा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है.
अब तक कितना FDI आया
बीमा क्षेत्र में अब तक करीब 82,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आ चुका है. वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम 1938 के कई प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. इनमें FDI को 100 प्रतिशत करना, पेड-अप कैपिटल की आवश्यकता घटाना और कंपोजिट लाइसेंस की व्यवस्था शामिल है.
विशेषज्ञों ने कहा है कि ने कहा कि 100 प्रतिशत FDI की अनुमति से बीमा क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. इससे कंपनियां अपनी बैलेंस शीट मजबूत कर सकेंगी, नई तकनीक में निवेश करेंगी और दावों के निपटान की प्रक्रिया बेहतर होगी. खासकर मझोले शहरों में बीमा की पहुंच बढ़ेगी.
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