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महिंद्रा एंड महिंद्रा का मुनाफा 25% बढ़कर ₹4,588 करोड़, ऑटो कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ
जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू भी 25% बढ़कर ₹57,553 करोड़ पहुंचा. ऑटो कारोबार का मुनाफा 55% बढ़ा, जबकि ट्रैक्टर कारोबार की बिक्री में 6% की गिरावट दर्ज की गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है. जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25% बढ़कर 4,588 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 3,673 करोड़ रुपये था. इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 25% बढ़कर 57,553 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 46,106 करोड़ रुपये था.
कंपनी के कुल प्रदर्शन में ऑटो कारोबार की अहम भूमिका रही. इस सेगमेंट में मुनाफा 55% बढ़ा, जबकि वाहनों की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. दूसरी ओर, ट्रैक्टर और कृषि उपकरण कारोबार को त्योहारों के समय में बदलाव और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का दबाव झेलना पड़ा. इसके चलते इस कारोबार की बिक्री और मुनाफे में गिरावट आई. समूह की फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी कारोबार ने भी बेहतर प्रदर्शन किया.
ऑटो कारोबार का मुनाफा 55% बढ़ा
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटो कारोबार ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया. इस सेगमेंट का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 55% बढ़कर 2,388 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, रेवेन्यू 39% की बढ़ोतरी के साथ 37,756 करोड़ रुपये रहा.
तिमाही के दौरान कंपनी ने अपनी सहायक कंपनियों सहित कुल 3,30,896 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26% अधिक है. कंपनी की यूटिलिटी व्हीकल बिक्री करीब 1.83 लाख यूनिट रही. एसयूवी की बिक्री में भी सालाना आधार पर 26% की वृद्धि दर्ज की गई.
एसयूवी बाजार में रेवेन्यू के आधार पर कंपनी की हिस्सेदारी 24.3% रही. वहीं, इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में उसकी बाजार हिस्सेदारी 30.1% पहुंच गई. इसके अलावा 3.5 टन से कम वजन वाले हल्के कमर्शियल वाहनों के बाजार में महिंद्रा की हिस्सेदारी 52.3% और इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों में 36.2% रही.
ऑटो कारोबार का स्टैंडअलोन ब्याज और टैक्स से पहले मुनाफा (PBIT) 15% बढ़कर 2,614 करोड़ रुपये रहा. इसका पीबीआईटी मार्जिन 7.7% दर्ज किया गया. इलेक्ट्रिक एसयूवी की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था के प्रभाव को हटाने पर यह मार्जिन 9.1% रहा.
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ऑटो एवं फार्म सेक्टर के सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि एसयूवी की मजबूत मांग से ऑटो कारोबार को फायदा मिला है. ऑटो कारोबार का कंसॉलिडेटेड पीबीआईटी मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 1.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 8.8% हो गया.
ट्रैक्टर कारोबार पर दबाव, बिक्री 6% घटी
ऑटो कारोबार की मजबूत ग्रोथ के उलट कृषि उपकरण कारोबार का प्रदर्शन कमजोर रहा. दूसरी तिमाही में महिंद्रा ने 1,16,027 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 1,22,936 यूनिट था. इस तरह ट्रैक्टर बिक्री में सालाना आधार पर 6% की गिरावट आई.
कृषि उपकरण कारोबार का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी 6% घटकर 9,572 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, इस सेगमेंट का नेट प्रॉफिट 9% गिरकर 1,053 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, घरेलू ट्रैक्टर बाजार में कंपनी ने 41.5% हिस्सेदारी के साथ अपनी नंबर एक स्थिति बरकरार रखी.
इस कारोबार का स्टैंडअलोन पीबीआईटी 1,441 करोड़ रुपये रहा. वहीं, पीबीआईटी मार्जिन पिछले साल के मुकाबले 3 प्रतिशत अंक घटकर 16.8% रह गया.
कंपनी के मुताबिक, त्योहारों के समय में बदलाव से ट्रैक्टरों की मांग प्रभावित हुई. इसके अलावा कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी मुनाफे पर दबाव डाला. हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले कृषि उपकरण कारोबार के कंसॉलिडेटेड पीबीआईटी मार्जिन में 0.2 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ.
महिंद्रा फाइनेंस और टेक महिंद्रा का प्रदर्शन भी सुधरा
समूह के सर्विसेज कारोबार का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में 18% बढ़कर 1,147 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, रेवेन्यू भी 18% बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये रहा.
महिंद्रा फाइनेंस के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी का ग्रॉस स्टेज-3 एसेट अनुपात 3.42% रहा. वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा के हिस्से में आने वाला महिंद्रा फाइनेंस का मुनाफा 61% बढ़ा.
टेक महिंद्रा के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ. महिंद्रा एंड महिंद्रा के हिस्से में आने वाला टेक महिंद्रा का मुनाफा 33% बढ़ा. कंपनी का एबिट मार्जिन पिछले साल के मुकाबले 2.6 प्रतिशत अंक बढ़कर 14.8% हो गया.
महिंद्रा लाइफस्पेसेज की प्री-सेल्स 41% बढ़ी
समूह की रियल एस्टेट कंपनी महिंद्रा लाइफस्पेसेज की रेजिडेंशियल प्री-सेल्स दूसरी तिमाही में 41% बढ़कर 1,100 करोड़ रुपये पहुंच गई. कंपनी ने इस दौरान 1,500 करोड़ रुपये की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले नए प्रोजेक्ट भी जोड़े.
महिंद्रा हॉलिडेज का ऑक्यूपेंसी रेट बढ़कर 76% हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले 2.2 प्रतिशत अंक अधिक है. कंपनी के पास कुल 5,762 कमरों की क्षमता रही.
वहीं, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स का रेवेन्यू 24% बढ़कर 2,095 करोड़ रुपये पहुंच गया. महिंद्रा एंड महिंद्रा के हिस्से में आने वाले मुनाफे के आधार पर कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई. समूह के उभरते कारोबारों, जिन्हें कंपनी 'ग्रोथ जेम्स' कहती है, का कुल मुनाफा तीन गुना हो गया.
मैनेजमेंट ने क्या कहा?
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ग्रुप सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह ने कहा कि दूसरी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफे में 25% की बढ़ोतरी समूह के विभिन्न कारोबारों की मजबूती को दिखाती है. ग्राहकों की मजबूत मांग से ऑटो कारोबार में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि त्योहारों के समय में बदलाव के कारण कृषि उपकरण कारोबार में गिरावट आई.
उन्होंने कहा कि महिंद्रा फाइनेंस ने अपनी ग्रोथ बरकरार रखी है और टेक महिंद्रा के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है. आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी का ध्यान मुनाफे के साथ कारोबार बढ़ाने पर है.
समूह के मुख्य वित्त अधिकारी अमरज्योति बरुआ ने कहा कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है. मजबूत बैलेंस शीट और नकदी की उपलब्धता से समूह को भविष्य में नए कारोबारों में निवेश करने में मदद मिलेगी.
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