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महाकुंभ से भरेगा सरकार का खजाना, होगी बंपर कमाई, मिलेंगे इतने लाख करोड़ रुपये
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने महाकुंभ को लेकर 6,990 करोड़ के 549 प्रोजेक्ट शुरू किए हैं. इससे अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बूस्ट मिलने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 की शुरुआत हो गई है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु संगम के पवित्र जल में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं. संगम वह स्थान है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियां मिलती हैं. कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा होता है. इस बार 144 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे महाकुंभ और खास हो जाता है. इस साल के महाकुंभ मेले में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जो अमेरिका और रूस की कुल आबादी को मिलाकर उससे भी अधिक है.
राज्य सरकार ने इस महाकुंभ के आयोजन के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट आवंटित किया है. 26 फरवरी तक चलने वाले महाकुंभ मेला उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी शुभ रहने वाला है. इस महाकुंभ से यूपी के सरकारी खजाने में अभूतपूर्व वृद्धि होने की संभावना है. आइये जानते हैं डिटेल में…
महाकुंभ से यूपी की इकोनॉमी पकड़ेगी रफ्तार
45 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में संगम किनारे 40 करोड़ से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद है. महाकुंभ के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने 7,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. करीब 4,000 हेक्टेयर में आयोजित इस महापर्व का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन होगा. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल आयोजित हुए महाकुंभ से उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी में 2 लाख करोड़ रुपये जुड़ सकते हैं. अनुमानित तौर पर यहां जुटने वाले 40 करोड़ लोग औसतन 5,000 रुपये खर्च करते हैं. इससे प्रदेश सरकार को 2 लाख करोड़ रुपये की कमाई होगी.
देश की GDP भी बढ़ेगी
इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार इस साल महाकुंभ के मेले में प्रति व्यक्ति औसत खर्च 10,000 रुपये तक भी पहुंच सकता है, ऐसे में 2 लाख करोड़ का आंकड़ा 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इससे नॉमिनल के साथ-साथ रियल GDP में भी 1 परसेंट तक की बढोतरी की उम्मीद है.
सीएम योगी आदित्यनाथ भी कह चुके हैं कि 2019 में प्रयागराज में हुए अर्धकुंभ मेले से उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी में 1.2 लाख करोड़ रुपये जुड़े थे, उस दौरान लगभग 24 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे. जबकि इस साल 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिससे 2 लाख करोड़ रुपये तक कमाई होने की उम्मीद है.
इन सभी चीजों पर लोग करेंगे खर्च
इस साल आस्था का महापर्व इसलिए भी खास है क्योंकि 12 साल के बाद आयोजित हो रहे इस महाकुंभ में 144 साल का अद्भुत संयोग बन रहा है. इसमें सिर्फ देश से ही नहीं, बल्कि रूस, अमेरिका जैसे देशों से भी भक्तों का तांता लगेगा. इस दौरान लोग पैकेज्ड फूड सहित पानी, बिस्किट के अलावा दीपक, तेल, अगरबत्ती, धार्मिक पुस्तकें जैसी कई चीजें खरीदेंगे. इसके अलावा, लॉजिंग व ट्रैवलिंग पर भी खूब खर्च होगा, जिससे प्रदेश के साथ-साथ देश की इकोनॉमी भी रफ्तार पकड़ेगी.
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