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ऑटो कंपोनेंट बिजनेस में L&T की एंट्री, अगले 5 साल में ₹5,000 करोड़ निवेश करेगी कंपनी
L&T का अनुमान है कि जिस औद्योगिक बी2बी इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार को वह लक्ष्य बना रही है, उसका आकार फिलहाल करीब 2 अरब डॉलर है, जो 2031 तक बढ़कर 4.85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
इंजीनियरिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने ऑटो कंपोनेंट और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) टेक्नोलॉजी कारोबार में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी अगले पांच वर्षों में ₹5,000 करोड़ का निवेश कर तमिलनाडु में अत्याधुनिक विनिर्माण केंद्र स्थापित करेगी. इस केंद्र में ईवी मोटर, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और कनेक्टेड व्हीकल टेक्नोलॉजी का निर्माण किया जाएगा. L&T का मानना है कि तेजी से बढ़ते ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में यह निवेश कंपनी की नई ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा साबित होगा.
ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में बढ़ाएगी मौजूदगी
यह निवेश L&T के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स (EPS) बिजनेस के जरिए किया जाएगा. कंपनी की 'लक्ष्य 31' रणनीति के तहत मोबिलिटी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर फोकस बढ़ाया जा रहा है. EPS ग्रुप के प्रमुख प्रशांत जैन ने कहा कि यह कंपनी के लिए नया कारोबार नहीं, बल्कि उसकी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का स्वाभाविक विस्तार है.
2031 तक दोगुना होगा बाजार
L&T का अनुमान है कि जिस औद्योगिक बी2बी इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार को वह लक्ष्य बना रही है, उसका आकार फिलहाल करीब 2 अरब डॉलर है, जो 2031 तक बढ़कर 4.85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. कंपनी इस बाजार में 10-15% हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
R&D और नई तकनीकों पर होगा खर्च
₹5,000 करोड़ का निवेश अगले पांच वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा. कंपनी का उद्देश्य बौद्धिक संपदा (IP) आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार को मजबूत करना और भविष्य की ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी में अपनी पकड़ बनाना है.
मिला पहला बड़ा ऑर्डर
L&T के मोबिलिटी बिजनेस को पहला कमर्शियल ऑर्डर भी मिल चुका है. कंपनी अगले तीन वर्षों में एक दोपहिया वाहन निर्माता को 5 लाख इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर की आपूर्ति करेगी. इन मोटरों का बड़े पैमाने पर उत्पादन अगले महीने से कोयंबटूर स्थित संयंत्र में शुरू होगा. यह मोटर इजरायल की EVR Motors की लाइसेंसी तकनीक पर आधारित हैं, जिनमें बेहतर टॉर्क डेंसिटी और कम मटेरियल उपयोग जैसी विशेषताएं हैं.
ADAS टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
कंपनी भारतीय बाजार के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को किफायती बनाने की दिशा में भी काम कर रही है. L&T का मानना है कि फिलहाल देश की करीब 80% गाड़ियों में ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम नहीं है, जबकि 2027 से कमर्शियल वाहनों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) जैसे फीचर अनिवार्य होने की संभावना है. ऐसे में ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स और सेफ्टी टेक्नोलॉजी का बाजार आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है.
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