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उज्जैन में शराबबंदी: क्या काल भैरव को भी नहीं चढ़ेगी मदिरा?
मध्य प्रदेश में उज्जैन सहित 19 नगरों और गांवों में शराबबंदी के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह साफ कर दिया है कि मंदिर में प्रसाद के रूप में मदिरा चढ़ाई जाती रहेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मध्य प्रदेश में उज्जैन सहित 19 नगरों और गांवों में शराबबंदी को लेकर राज्य सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले के बाद उज्जैन के काल भैरव मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ने वाली शराब को लेकर सवाल उठने लगे थे, ऐसे में अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह साफ कर दिया कि मंदिर में प्रसाद के रूप में मदिरा चढ़ाई जाती रहेगी. मोहन यादव ने कहा श्रद्धालु प्रसाद मंदिर ले जा सकते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और श्रद्धालुओं के लिए मदिरा चढ़ाने की परंपरा को जारी रखा जाएगा.
1 अप्रैल से लागू होगा नियम
उज्जैन, इंदौर, महेश्वर और खरगोन जैसे शहरों में इस फैसले का असर दिखेगा. सरकार ने धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला लिया है. यह 1 अप्रैल से लागू होगा, लेकिन काल भैरव मंदिर में मदिरा का प्रसाद चढ़ता रहेगा. वहां पर भक्तों के लिए शराब के काउंटर सरकार द्वारा संचालित होते हैं ताकि वे पूजा के लिए प्रसाद प्राप्त कर सकें. इसे लेकर सीएम मोहन का बयान भी सामने आया है
मांस की बिक्री पर बैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से उज्जैन में शराबबंदी के निर्णय से संत, पुजारी व प्रबुद्धजन काफी खुश हैं. उनका कहना है कि धर्मधानी को पवित्र नगर बनाने के लिए शराब के साथ मांस विक्रय पर भी पूरी तरह रोक लगाना चाहिए. उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग सालों से चली आ रही है. रामनंदीय संत प्रतीतराम रामस्नेही जीवन पर्यंत इसके लिए संघर्ष करते रहे. मुख्यमंत्री डॉ .मोहन यादव ने शहरी सीमा में शराब के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर शहरवासियों की बरसों पुरानी मांग को काफी हद तक पूरा कर दिया. शहरवासियों का कहना है कि शहर सीमा में ना सही पर महाकाल मंदिर परिक्षेत्र में मांस विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए.
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