होम / बिजनेस / देश को मिली पहली Underwater Metro की सौगात, आखिर किस कंपनी ने किया ये कमाल?
देश को मिली पहली Underwater Metro की सौगात, आखिर किस कंपनी ने किया ये कमाल?
हावड़ा मेट्रो स्टेशन को जमीन से 30 मीटर नीचे बनाया गया है. इसे दुनिया में सबसे गहराई में बना मेट्रो स्टेशन बताया जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
देश को पहली अंडरवॉटर मेट्रो मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस प्रोजेक्ट (Kolkata Underwater Metro) का उद्घाटन किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलकाता मेट्रो की ईस्ट-वेस्ट लाइन पर हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड स्ट्रेच पर नदी के नीचे सुरंग बनाई गई है, जिसमें मेट्रो दौड़ती है. इसके लिए करीब 520 मीटर लंबी टनल बनाई गई है और ट्रेन को इसे पार करने में 45 सेकंड का समय लगता है. दो स्टेशनों- हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड के बीच बनी इस सुरंग की कुल लागत 4965 करोड़ रुपए है.
इसलिए है बड़ी उपलब्धि
अंडरवॉटर मेट्रो रूट ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा हैं, जिसमें से हावड़ा मैदान से एस्प्लनेड तक 4.8 किमी रूट बनकर तैयार हो गया है. इसमें 4 अंडरग्राउंड स्टेशन हैं - हावड़ा मैदान, हावड़ा स्टेशन, महाकरण और एस्प्लनेड. हावड़ा मेट्रो स्टेशन को जमीन से 30 मीटर नीचे बनाया गया है. इसे दुनिया में सबसे गहराई में बना मेट्रो स्टेशन बताया जा रहा है. गौर करने वाली बात ये है कि अभी तक पानी के नीचे मेट्रो रूट केवल लंदन और पेरिस में ही बना है. इस लिहाज से देखें तो यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि है.
इस ग्रुप की है कंपनी
इस अंडरवॉटर मेट्रो लाइन का निर्माण कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी अफकॉन्स (Afcons) ने किया है. शापूरजी पलौंजी ग्रुप की इस कंपनी ने देश-विदेश में कई बेहतरीन प्रोजेक्ट बनाए हैं. अब जब 1865 में स्थापित इस समूह की बात निकली है, तो इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं. इस ग्रुप की स्थापना पलौंजी मिस्त्री ने की थी. समूह के पोर्टफोलियो में कुल 15 कंपनियां शामिल हैं. जिसमें अफकॉन्स के साथ-साथ SP इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन, फोर्ब्स एंड कंपनी प्रमुख हैं. ग्रुप का इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स, एनर्जी, वॉटर, फाइनेंशियल सर्विसेज, हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में अपनी एक अलग पहचान रखता है.
कई प्रोजेक्ट किए पूरे
शापूरजी पलौंजी ग्रुप की TATA समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में लगभग 18.4% की हिस्सेदारी है. 40 से अधिक देशों में कारोबार करने वाले इस समूह में 35000 से अधिक कर्मचारी हैं. अब वापस अफकॉन्स पर लौटते हैं. इसकी गिनती देश की शीर्ष इंजीनियरिंग एवं कंस्ट्रक्शन कंपनियों में होती है. कंपनी ने भारत के साथ-साथ एशिया, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के कई देशों में प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं. इसे मरीन, एलएनजी और मेट्रो रेल सेगमेंट में देश की लीडर कंपनी कहा जाता है. इसके कुछ खास प्रोजेक्ट्स की बात करें, तो उसमें नागपुर मेट्रो, कानपुर मेट्रो, चिनाब रेलवे ब्रिज, मुबंई-नागपुर एक्सप्रेसवे के दो सेक्शन, कोलकाता की ईस्ट-वेस्ट मेट्रो, जम्मू-उधमपुर हाइवे, महात्मा गांधी सेतु और अटल टनल शामिल हैं. इतना ही नहीं चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज भी इसी कंपनी के खाते में आता है.
टैग्स