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जानिए क्या होती है Natural Farming, इससे किसानों को कैसे होगा फायदा?
इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेचुरल फार्मिंग (Natural Farming) के लिए 10 हजार ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की घोषणा की है. इससे किसानों को काफी फायदा होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
क्या आप जानते हैं नेचुरल फार्मिंग (Natural Farming) क्या होती है और आपको इससे कितंना लाभ मिल सकता है? अगर नहीं, तो ये खबर आपके काम की हो सकती है. हाल ही में पेश किए गए बजट में भी सरकार ने नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने की घोषणा की है. इस घोषणा के बाद से ही किसानों के मन में भी यह सवाल आ रहा है कि ये मदद किस तरह दी जाएगी और इससे उन्हें कैसे फायदा मिलेगा? तो आइए आज हम आपको इन सभी सवालों के जबाव देते हैं.
कृषि मंत्रालय से किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक आबादी आज भी खेती पर निर्भर है. किसानों के लिए भारत सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है और उन्हें ट्रेनिंग भी प्रदान कर रही है. इसी के तहत भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों को नेचुरल फार्मिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी. इस प्रशिक्षण में किसानों को नेचुरल फार्मिंग से जुड़ी सभी जानकारी प्रदान की जाएगी, जिसमें केमिकल फ्री खेती के फायदे और केमिकल युक्त खादों के नुकसान शामिल हैं. उन्हें बताया जाएगा कि केमिकल युक्त खादों का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे खेत की मिट्टी भी खराब हो जाती है. इस ट्रेनिंग में किसानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए विभिन्न तकनीकें भी सिखाई जाएंगी.
10 हजार ट्रेनिंग सेंटर होंगे स्थापित
इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए लगभग 10,000 ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है. यहां किसानों को नेचुरल फार्मिंग की विभिन्न विधियों की शिक्षा दी जाएगी. हालांकि, इन सेंटर्स के स्थान के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
नेचुरल फार्मिंग के फायदे
1. नेचुरल फॉर्मिंग से अगले एक साल में एक करोड़ किसान जुड़ेंगे. सरकार इसके जरिए दाल और तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर देगी. इसके लिए प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग पर फोकस बढ़ाया जाएगा.
2. सरकार खासतौर पर सरसों, मूंगफली, सनफ्लॉवर और सोयाबीन जैसी फसलों के उत्पादन पर ध्यान देगी. इससे बेहतर कृषि प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा और रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी.
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3. सरकार का मानना है कि नेचुरल फार्मिंग न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य और जैव विविधता को बढ़ाती है.
4. नेचुरल फार्मिंग न केवल किसानों के लिए बल्कि खेती की जमीन के लिए भी लाभकारी है.
5. नेचुरल फार्मिंग अपनाने से किसानों को केमिकल और फर्टिलाइजर पर खर्च नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा ये किसानों के लिए खेती की लागत को भी कम करती है.
6. इस तरीके से की गई खेती की उपज को सब्जी मंडियों में अच्छे दाम मिलते हैं, जिससे किसानों को कम लागत पर अधिक मुनाफा होता है.
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