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जिन पंडित मिश्रा को लेकर मचा है बवाल, उन पर पानी की तरह बरसता है पैसा
प्रदीप मिश्रा ने प्रवचन के दौरान राधा रानी को लेकर कुछ ऐसा कहा दिया है कि बवाल मचा हुआ है. साधु-संत उनके खिलाफ लामबंद हो गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) को लेकर साधु-संतों में नाराज़गी है. आलम ये है कि उनकी उज्जैन और ब्रज में एंट्री बैन करने की चेतावनी भी दी गई है. उज्जैन में उनके खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच षट्दर्शन संत समाज और तीर्थ पुरोहितों ने साफ कहा है कि जब तक प्रदीप मिश्रा माफी नहीं मांग लेते उज्जैन में उनकी कोई कथा नहीं होने दी जाएगी. इसी तरह, मथुरा भी मिश्रा की टिप्पणी से आहत और नाराज है. हाल ही में बरसाना में ब्रज के मंदिरों के सेवायतों और साधु-संतों की एक महापंचायत का आयोजन किया गया था. जिसमें यह निर्णय लिया गया कि अगर प्रदीप मिश्रा क्षमा नहीं मांगते, तो उन्हें ब्रज क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा.
क्या कहा था मिश्रा ने?
दरअसल, प्रदीप मिश्रा ने राधारानी पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि भगवान कृष्ण की 16,108 रानियों में राधाजी का नाम नहीं है. और राधा के पति में कृष्ण का नाम नहीं है. प्रवचन के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि राधा बरसाना की नहीं बल्कि रावल गांव की रहने वाली थीं. बरसाना में उनके पिता का दरबार था और वह साल में एक बार वहां आती थीं. मिश्रा ने आगे कहा था कि राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था. राधा का विवाह छात्रा गांव में हुआ था. पंडित मिश्रा की इन टिप्पणियों से संत समाज नाराज चल रहा है.
इतनी है कथा की फीस
पंडित प्रदीप मिश्रा की ख्याति देश ही नहीं विदेशों में भी फैली हुई है. उनकी कथा आयोजित करवाने के लिए एडवांस बुकिंग होती है और मोटी फीस भी भरनी पड़ती है. मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान मिश्रा काफी व्यक्त थे. नेताओं द्वारा उनकी कई कथाएं आयोजित कराई गई थीं. किसी जमाने में साइकिल से चलने वाले प्रदीप मिश्रा अब लग्जरी कारों में घुमते हैं, उनके पास करोड़ों की दौलत है. पंडित मिश्रा एक कथा के लिए कितनी फीस लेते हैं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वे एक कथा आयोजन के लिए करीब 8 से लेकर 21 लाख रुपए चार्ज करते हैं.
डेढ़ करोड़ हुआ था खर्च
पिछले साल मध्य प्रदेश में हुए पंडित प्रदीप मिश्रा के धार्मिक आयोजन पर करीब 1 से डेढ़ करोड़ रुपए खर्चा आया था. इसमें उनकी फीस के साथ-साथ टेंट-पंडाल, माइक, भंडारा आदि के खर्चे भी शामिल हैं. मिश्रा की कथा का आयोजन कराने वालों का कहना है कि उनके एक कार्यक्रम पर 1 से डेढ़ करोड़ रुपए खर्चा आ ही जाता है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा का 52 एकड़ में फैला आश्रम है. साधारण परिवार से आने वाले पंडित मिश्रा एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे. इसके बाद उन्होंने अपनी पहचान कथावाचक के रूप में बनाई और आज हर कोई उनका नाम जानता है. मिश्रा को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे यूट्यूब से भी अच्छी-खासी कमाई हो जाती है.
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