✕

होम / बिजनेस / Chhattisgarh CM: सबसे मजबूत साबित हुए Vishnu Deo Sai की आर्थिक सेहत कितनी है मजबूत?

Chhattisgarh CM: सबसे मजबूत साबित हुए Vishnu Deo Sai की आर्थिक सेहत कितनी है मजबूत?

छत्तीसगढ़ को विष्णु देव साय के रूप में नया मुख्यमंत्री मिल गया है. साय की आदिवासी समुदाय पर अच्छी पकड़ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

छत्तीसगढ़ को नया मुख्यमंत्री (Chhattisgarh CM) मिल गया है. BJP ने कई दिनों की माथापच्ची के बाद आखिरकार रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) के नाम पर मुहर लगाई. राजस्थान और मध्य प्रदेश में अभी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होना बाकी है. छत्तीसगढ़ में भाजपा ने उम्मीद से ज्यादा सीटें हासिल की है. BJP को 90 में से 54 सीटें मिली हैं और इस जीत में विष्णु देव साय की बड़ी भूमिका मानी जा रही है. साय कुनकरी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने हैं. चलिए जानते हैं कि सबसे मजबूत साबित हुए विष्णु देव साय की आर्थिक सेहत कितनी मजबूत है.  

इतनी है Sai की नेटवर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विष्णु देव साय की इनकम करीब 20.3 लाख रुपए है. उनके पास 3.8 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति है. सामान्य लोगों की तरह साय पर भी कुछ देनदारियां हैं. उन पर लगभग 65.8 लाख रुपए की देनदारी बनती है. छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के पास 1.3 करोड़ की चल संपत्ति और 2.6 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है. विष्णु देव साय का जन्म छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगिया गांव में हुआ था. किसान परिवार से ताल्लुख रखने वाले साय 1990 में अपने गांव के सरपंच चुने गए थे. इस निर्विरोध जीत के साथ ही उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई थी. बताया जाता है कि 1990 में विधायक का चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अपनी कुछ संपत्ति बेचनी पड़ी थी. 

ये भी पढ़ें - Madhya Pradesh: क्या शिवराज सिंह को CM न बनाने की गलती करना चाहेंगे Modi?

आदिवासी वोट पर नजर
59 वर्षीय विष्णु देव साय अपनी सादगी के लिए पहचाने जाते हैं. वह रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं और नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें स्टील राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. साय का छत्तीसगढ़ के आदिवासियों में अच्छा प्रभाव माना जाता है. राज्य की कुल आबादी में 32 प्रतिशत आदिवासी हैं. विधानसभा चुनाव में परचम लहराने के बाद बीजेपी की नजर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर है और साय के सहारे भाजपा ने आदिवासियों के वोट हासिल करने का दांव चला है. राज्य में 29 आदिवासी सीटें हैं और विधानसभा चुनाव में उसने 17 पर जीत दर्ज की है. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

7 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

10 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

11 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

11 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

14 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

11 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

11 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

7 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

9 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

10 hours ago