होम / बिजनेस / जितेंद्र सिंह ने BharatGen को बताया भारत की रणनीतिक AI उपलब्धि
जितेंद्र सिंह ने BharatGen को बताया भारत की रणनीतिक AI उपलब्धि
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक प्रगति को प्रशासनिक सीमाओं में सीमित नहीं किया जा सकता और इसे वास्तविक दुनिया की भाषाई जरूरतों के अनुरूप विकसित करना होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने BharatGen को भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यात्रा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि BharatGen “whole-of-science, whole-of-government और whole-of-nation” मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है.
बहु-आयामी AI मॉडल के रूप में BharatGen
मंत्री ने बताया कि BharatGen टेक्स्ट-आधारित लार्ज लैंग्वेज मॉडल, स्पीच टेक्नोलॉजी सहित कई AI मोडैलिटी को समाहित करता है. इसके फाउंडेशनल मॉडल को शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और कानूनी व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में समावेशी और भारत-केंद्रित उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है, विशेष रूप से भाषाई विविधता वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए.
IIT बॉम्बे के नेतृत्व में कंसोर्टियम
AI Impact Summit 2026 में संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि इस पहल को TIH Foundation for IoT and IoE, IIT Bombay के नेतृत्व में एक कंसोर्टियम के माध्यम से लागू किया जा रहा है. इसके साझेदार संस्थानों में IIIT Hyderabad, IIT Hyderabad, IIT Mandi, IIT Kanpur, IIM Indore और IIT Madras शामिल हैं.
235 करोड़ की फंडिंग और India AI Mission का समर्थन
BharatGen को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा राष्ट्रीय अंतरविषयक साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) के तहत 235 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है. इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की India AI Mission के तहत 10,585 करोड़ रुपये के परिव्यय से इसे और मजबूती मिली है.
भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब विकल्प नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अनिवार्य घटक बन चुका है. BharatGen टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है.
उन्होंने रेखांकित किया कि BharatGen एक सरकारी स्वामित्व वाला संप्रभु बहुभाषी और बहु-मोडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) है, जिसे भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और भाषाई विविधता के अनुरूप तैयार किया गया है.
आयुर्वेद, कृषि और विधि के लिए विशेष मॉडल
मंत्री ने बताया कि BharatGen ने पहले ही क्षेत्र-विशिष्ट फाइन-ट्यून मॉडल जारी किए हैं, जिनमें Ayur Param (आयुर्वेद), Agri Param (कृषि) और Legal Param (भारतीय विधिक क्षेत्र) शामिल हैं.
उन्होंने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से उभरती तकनीकों को अपनाने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया. उनके अनुसार, AI जैसे क्षेत्रों में अलग-थलग कार्य करने के बजाय साझेदारी और समन्वय जरूरी है.
भाषाई विविधता को प्राथमिकता
सिंह ने जोर दिया कि भारत की भाषाई विविधता 22 अनुसूचित भाषाओं से कहीं अधिक है. उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को शामिल करने के लिए डेटा सेट का निरंतर विस्तार करने की आवश्यकता पर बल दिया, खासकर डिजिटल हेल्थ और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में.
टैग्स