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JIO आईपीओ की तैयारी तेज, मुकेश अंबानी ने 6 वैश्विक बैंकों से मिलाया हाथ
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड इस मेगा पब्लिक इश्यू के लिए कई बड़े निवेश बैंकों के साथ काम कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JIO) के संभावित आईपीओ की तैयारी तेज हो गई है. मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड इस मेगा पब्लिक इश्यू के लिए कई बड़े निवेश बैंकों के साथ काम कर रही है. अगर यह योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में से एक साबित हो सकता है और इससे अरबों डॉलर की पूंजी जुटाई जा सकती है.
आईपीओ की तैयारी में जुटी रिलायंस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के प्रस्तावित आईपीओ के लिए कई बड़े वैश्विक और घरेलू बैंकों के साथ काम कर रही है. कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम को सफल बनाने के लिए सलाहकारों की टीम तैयार कर रही है और आने वाले समय में इसमें और वित्तीय संस्थान भी शामिल हो सकते हैं.
छह बड़े निवेश बैंक बने साझेदार
आईपीओ की तैयारी के लिए कंपनी ने कई दिग्गज निवेश बैंकों के साथ हाथ मिलाया है. इनमें बीओएफए सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टैनली शामिल हैं. इन बैंकों की भूमिका इस बड़े इश्यू की संरचना तैयार करने, निवेशकों से संपर्क बनाने और बाजार में इसे सफलतापूर्वक लॉन्च करने की होगी.
बन सकता है भारत का सबसे बड़ा आईपीओ
जियो का यह प्रस्तावित आईपीओ भारत के अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है. शुरुआती अनुमान के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन करीब 170 अरब डॉलर तक हो सकता है. यदि कंपनी नियामकीय न्यूनतम सीमा के तहत अपनी लगभग 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेचती है तो इससे करीब 4 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई जा सकती है.
जल्द दाखिल हो सकता है डीआरएचपी
सूत्रों का कहना है कि आईपीओ की अंतिम शर्तें तय होने के बाद कंपनी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सकती है. इस दस्तावेज के दाखिल होने के बाद ही आईपीओ की समय-सीमा और आकार को लेकर स्पष्टता सामने आएगी. हालांकि बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इसकी शर्तों और समय में बदलाव भी संभव है.
2026 में आईपीओ बाजार की धीमी शुरुआत
दो रिकॉर्डतोड़ वर्षों के बाद 2026 में भारत के प्राइमरी मार्केट की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस तिमाही में आईपीओ के जरिए लगभग 1.7 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 2.3 अरब डॉलर था. ऐसे में जियो का संभावित आईपीओ बाजार में नई ऊर्जा ला सकता है और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है.
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