✕

होम / बिजनेस / JFSL Listing: खराब शुरुआत के बाद बेचें या करें होल्ड, जानें एक्सपर्ट्स की राय

JFSL Listing: खराब शुरुआत के बाद बेचें या करें होल्ड, जानें एक्सपर्ट्स की राय

JFSL के शेयरों में 5% की गिरावट देखने को मिली जिसके बाद JFSL के शेयरों को 5% के लोअर सर्किट पर लॉक कर दिया गया.

पवन कुमार मिश्रा 3 years ago

आज RIL यानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ज्यादातर इन्वेस्टर्स की नजर सुबह से ही JFS यानी जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज की लिस्टिंग पर थी (JFSL Listing). जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज ने आज काफी गरमा-गर्मी के बीच शेयर मार्केट पर अपनी लिस्टिंग कर ली है. 

5% लोअर सर्किट पर पहुंचे शेयर?
बाजार में JFSL (जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड) के शेयरों की शुरुआत काफी अच्छी नहीं हुई है. आज लिस्टिंग के बाद JFSL के शेयरों में लिस्टिंग के बाद 5% की गिरावट देखने को मिली जिसके बाद JFSL के शेयरों को BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर 5% के लोअर सर्किट यानी 251.75 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर लॉक कर दिया गया. अगर लिस्टिंग की बात करें तो जहां BSE पर JFSL के शेयरों की लिस्टिंग 265 रुपए प्रति शेयर पर कीई गई थी, वहीं NSE पर JFSL के शेयरों को 262 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर लिस्ट किया गया था. आपको बता दें कि JFSL के शेयरों के लिए 261.85 रुपए प्रति शेयर का ‘डिस्कवरी प्राइस’ तय किया गया था.  

नहीं होगी इंट्राडे ट्रेडिंग?
हालांकि आपको बता दें कि अगले 10 कारोबारी दिनों तक इन्वेस्टर्स इस शेयर में इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) नहीं कर पाएंगे. दरअसल अगले 10 कारोबारी दिनों तक JFS के शेयर केवल ट्रेड-फॉर-ट्रेड सेगमेंट के लिए उपलब्ध रहेंगे और इसी वजह से इन्वेस्टर्स को JFS में इंट्राडे ट्रेडिंग का फायदा नहीं मिलेगा. ट्रेड-फॉर-ट्रेड सेगमेंट के तहत इन्वेस्टर्स केवल डिलीवरी आधारित खरीद और बिक्री ही कर पाएंगे. ट्रेड-टू-ट्रेड एक स्टॉक सेगमेंट है जिसमें शुरूआती कुछ शेयरों को केवल डिलीवरी के आधार पर ही ट्रेडिंग के उपलब्ध करवाया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो इसका सीधा मतलब ये होगा कि आपके द्वारा खरीदे गए स्टॉक्स की डिलीवरी आपको उसी दिन नहीं मिलेगी.

क्यों नीचे आ गए JFSL के शेयर?
JFSL के शेयरों ने लिस्टिंग (JFSL Listing) के बाद जहां BSE पर 278.20 रुपए प्रति शेयर के अधिकतम इंट्राडे स्तर को प्राप्त कर लिया था, वहीं NSE पर भी JFSL के शेयरों ने 262.05 रुपए का स्तर प्राप्त कर बढ़त दर्ज कर ली थी. लेकिन फिर सवाल उठता है कि ये शेयर नीचे क्यों आ गए और 5% के लोअर सर्किट तक कैसे जा पहुंचे? दरअसल JFSL के शेयरों पर ज्यादा बिकावली की वजह से दबाव बन गया और इसीलिए 5% की गिरावट के बाद शेयर लोअर सर्किट पर जा पहुंचे.

कैसा हो सकता है JFSL के शेयरों का भविष्य?
इन्वेस्टर्स के लिए अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आने वाले समय में अब JFSL के शेयर के लिए भविष्य कैसा हो सकता है? इस विषय पार बात करते हुए Globe Capital के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट हिमांशु गुप्ता कहते हैं कि शुरूआती लिस्टिंग के बाद शेयरों की कीमत में गिरावट देखने को मिली जिसकी वजह इन्वेस्टर्स द्वारा की गई शॉर्ट-टाइम प्रॉफिट बुकिंग थी. आपको बता दें कि इन्वेस्टर्स द्वारा छुटपुट प्रॉफिट कमाने के लिए शेयरों की कीमत में वृद्धि आते ही शेयरों को बेच दिया जाता है और इसे ही शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग कहते हैं. हिमांशु कहते हैं कि आने वाले भविष्य में JFSL के स्टॉक में थोड़ा सा दबाव देखने को मिल सकता है क्योंकि आने वाले कुछ समय के लिए कंपनी के पास मौजूद कारोबार में मजबूती नहीं है. 

होल्ड करें या प्रॉफिट के लिए बेच दें शेयर?
हिमांशु कहते हैं कि कारोबार में मजबूती नहीं होने की वजह से लिस्टिंग से प्रॉफिट कमाने वाले इन्वेस्टर्स द्वारा शोर्ट-टर्म में प्रॉफिट के लिए शेयरों को बेचा जा सकता है. हिमांशु कहते हैं कि अगर आपको भी शॉर्ट-टर्म में थोड़ा सा प्रॉफिट कमाना है तो आप भी इस शेयर को बेचकर प्रॉफिट कमा सकते हैं लेकिन अगर आप मिड-टर्म या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के बारे में सोच रहे हैं तो शेयर को होल्ड करके रखा जा सकता है. 

खरीद के लिए उपयुक्त है समय?
इन्वेस्टर्स के लिए जहां एक सवाल प्रॉफिट कमाने के लिए JFSL के शेयर को बेच देने या होल्ड करके रखने का है, वहीं दूसरी तरफ एक सवाल ये भी है कि क्या इस शेयर को खरीदने के लिए ये सही समय है या नहीं? इस विषय पर बात करते शेयर मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन कहते हैं कि अभी हमें JFSL के स्टॉक को समय देना चाहिए. जिनके पास यह शेयर मौजूद है वह इसे होल्ड करें और फ्रेश खरीदारी के लिए भी अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए. कंपनी में होने वाले बदलावों को हमें गौर से देखना होगा और आने वाले सालों में इस कंपनी में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि यह रिलायंस ग्रुप की एक कंपनी है और निश्चित तौर पर आने वाले समय में कंपनी में कुछ बड़े बदलाव हो सकते हैं. 
 

यह भी पढ़ें: Reliance के निवेशकों के लिए आज बड़ा दिन, लिस्ट होगी Jio Financial Services


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

4 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

6 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

7 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

7 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

10 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

7 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

7 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

4 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

6 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

6 hours ago