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जागृति रिहैबिलिटेशन सेंटर ने सीरीज A फंडिंग में जुटाए 28 करोड़ रुपये
अल्केमी ग्रोथ कैपिटल के नेतृत्व में हुआ निवेश, अगले 3-4 वर्षों में देशभर में 40 से अधिक सेंटर और 4,000 से ज्यादा बेड की क्षमता विकसित करने की योजना
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 51 minutes ago
भारत के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति और डिमेंशिया देखभाल नेटवर्क में शामिल जागृति रिहैबिलिटेशन सेंटर ने सीरीज A फंडिंग राउंड में 28 करोड़ रुपये जुटाए हैं. दिल्ली स्थित हेल्थकेयर और कंज्यूमर वेलनेस पर केंद्रित वेंचर कैपिटल फंड अल्केमी ग्रोथ कैपिटल ने इस निवेश का नेतृत्व किया है. यह संगठन का पहला संस्थागत निवेश है. इससे पहले जागृति ने अपने आंतरिक संसाधनों के जरिए नेटवर्क का विस्तार किया था.
वर्ष 2008 में स्थापित जागृति ने 2019 में दो केंद्रों से अपनी विस्तार यात्रा शुरू की थी. अब इसका नेटवर्क नौ शहरों में 19 से अधिक केंद्रों तक पहुंच चुका है. कंपनी इस निवेश का इस्तेमाल नए शहरों में विस्तार, क्लिनिकल सुविधाओं और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, विशेष देखभाल कार्यक्रमों को विकसित करने और बीमा कंपनियों तथा कॉरपोरेट संस्थानों के साथ साझेदारी मजबूत करने में करेगी.
कंपनी की योजना अगले 3-4 वर्षों में टियर-1 और टियर-2 शहरों में अपने केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 40 से अधिक और बेड की क्षमता 4,000 से ज्यादा करने की है.
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच निवेश
भारत में मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति और पुनर्वास सेवाओं की मांग बढ़ रही है. हालांकि, इस क्षेत्र में सेवाएं अभी भी काफी हद तक छोटे स्वतंत्र केंद्रों और अलग-अलग क्लीनिकों के माध्यम से उपलब्ध हैं. ऐसे में एक संगठित नेटवर्क के जरिए समान क्लिनिकल मानकों के साथ बड़े स्तर पर सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ रही हैं.
जागृति रिहैबिलिटेशन सेंटर के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अमर शिंदे ने कहा कि यह पहला संस्थागत निवेश संगठन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. वर्ष 2008 में इसकी शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि लोगों और उनके परिवारों को व्यवस्थित, संवेदनशील और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के साथ देखभाल मिल सके. अब इस निवेश से देशभर में अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी.
अल्केमी को मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नया अवसर
अल्केमी ग्रोथ कैपिटल की संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर अलका गोयल ने कहा कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़े लेकिन अभी तक कम संगठित क्षेत्रों में से एक है. जागृति ने मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में भरोसेमंद पहचान बनाई है.
उन्होंने कहा कि संस्थागत निवेश लेने से पहले ही जागृति ने नौ शहरों में अपना मॉडल स्थापित कर लिया था और इसके पीछे एक पेशेवर प्रबंधन टीम तैयार की थी. अल्केमी का मानना है कि जागृति देश में मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में एक प्रमुख विशेषीकृत हेल्थकेयर नेटवर्क बन सकती है.
अल्केमी का यह निवेश मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं के क्षेत्र में उसका पहला निवेश है. इसके पोर्टफोलियो में डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र की रेडक्लिफ लैब्स, मेडिकल डिवाइस कंपनी मेडविटल, आईवीडी डीपटेक क्षेत्र की डाटर कैंसर जेनेटिक्स, इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स सेवा मेडुलेंस, ऑटोनॉमस मोबिलिटी रोबोट कंपनी अल्फाड्रॉइड और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग में फिजिकल एआई पर काम करने वाली ल्यूमास शामिल हैं.
82 हजार से अधिक लोगों को दे चुका है सेवाएं
पुणे में वर्ष 2008 में मनोचिकित्सक डॉ. अमर शिंदे और विजया शिंदे ने जागृति की शुरुआत 10 बेड वाले केंद्र के रूप में की थी. वर्ष 2019 में हेमंत शिंदे बतौर सह-संस्थापक और सीईओ संगठन से जुड़े. उनके नेतृत्व में यह एक पेशेवर प्रबंधन वाले नेटवर्क के रूप में विकसित हुआ.
वर्तमान में जागृति के नौ शहरों में 19 से अधिक केंद्र हैं, जहां 1,600 से ज्यादा बेड और 40 से अधिक डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है. संगठन अब तक मानसिक स्वास्थ्य, नशे और मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याओं तथा न्यूरोलॉजिकल देखभाल कार्यक्रमों के तहत 82,000 से अधिक लोगों को सेवाएं दे चुका है.
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