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ISRO के राजीव चेतवानी ने कहा, सॉवरेन AI राष्ट्रीय स्वायत्तता के लिए अनिवार्य ढांचा
इस तरह के सहयोगात्मक प्रयासों से भारत वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति बना सकता है और रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी तकनीकी स्वायत्तता सुनिश्चित कर सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सूचना प्रणाली एवं प्रबंधन निदेशालय (DISM) के निदेशक राजीव रतन चेतवानी ने कहा है कि सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वायत्तता और अंतरिक्ष अवलोकन के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता तथा महत्वपूर्ण अवसंरचना है.
रणनीतिक क्षेत्रों में ऑफलाइन और पारदर्शी AI की जरूरत
AI Impact Summit 2026 के एक सत्र में बोलते हुए चेतवानी ने कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले AI सिस्टम इंटरनेट पर प्रत्यक्ष निर्भरता के बिना ऑफलाइन संचालित होने चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे सिस्टम पारदर्शी और ऑडिट योग्य होने चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि AI मॉडल “एक्सप्लेनेबल” होने चाहिए, डेटा की स्पष्ट उत्पत्ति (डेटा लाइनएज) होनी चाहिए और प्रशिक्षण प्रक्रियाएं राष्ट्रीय कानूनी ढांचे के अनुरूप होनी चाहिए.
विदेशी नियंत्रण वाले AI मॉडल पर चिंता
चेतवानी ने पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि जब AI मॉडल इंटरनेट से जुड़े होते हैं और उनका संचालन विदेशी कंपनियों द्वारा किया जाता है, तो भारत की निगरानी और कानूनी नियंत्रण सीमित रह जाता है.
उन्होंने कहा, “सॉवरेन AI को केवल एक टूल के रूप में नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता की आवश्यकता और अंतरिक्ष अवलोकन में एक महत्वपूर्ण अवसंरचना के रूप में देखा जाना चाहिए. यह नेटवर्क सुरक्षा और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए अनिवार्य है.”
जियोस्पेशियल डेटा से समाधान
चेतवानी ने बताया कि ISRO विशाल उच्च-रिज़ॉल्यूशन जियोस्पेशियल डेटा का उपयोग कर जमीनी समस्याओं के समाधान पर काम कर रहा है. AI एप्लिकेशन सैटेलाइट इमेजरी के मूल्य को कई गुना बढ़ा रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व अंतर्दृष्टि प्रदान कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भारत के व्यापक जियोस्पेशियल डेटा संसाधनों का AI के माध्यम से उपयोग कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जलवायु पूर्वानुमान और शहरी नियोजन को मजबूत किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा और सामाजिक दोनों लाभ सुनिश्चित होंगे.
चरणबद्ध तरीके से AI अपनाने की जरूरत
इस अवसर पर BharatGen के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषि बल ने कहा कि AI का उपयोग सभी क्षेत्रों में होगा, लेकिन इसे चरणबद्ध और सावधानीपूर्वक लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि शुरुआत शासन, नागरिक सेवाओं और वित्त जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से होनी चाहिए.
उन्होंने AI विकास को एक सतत यात्रा बताया, न कि केवल सेक्टर-दर-सेक्टर लागू की जाने वाली प्रक्रिया.
साझा डिजिटल अवसंरचना पर जोर
ऋषि बल ने साझा डिजिटल अवसंरचना के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें कॉमन मॉडल, इन्फरेंस आर्किटेक्चर और ऐसे घटक शामिल हों जो नवाचारकर्ताओं को तेज और सुरक्षित समाधान विकसित करने में सक्षम बनाएं.
उन्होंने कहा कि AI संप्रभुता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल और अवसंरचना का एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है, जिससे स्टार्टअप्स को भी नवाचार का अवसर मिल सके.
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