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Israel-Hamas War: इजरायल की आग में झुलस सकते हैं कई भारतीय कंपनियों के हाथ!
इजरायल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है. यदि ये युद्ध जल्द समाप्त नहीं होता, तो इसका खामियाजा पूरी दुनिया को किसी न किसी रूप में उठाना पड़ सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
मिडिल ईस्ट से आ रही खबरों का असर भारत सहित पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है. इजराइल और हमास युद्ध (Israel-Hamas War) के चलते कच्चा तेल और महंगा होने की आशंका बढ़ गई है. इससे चुनावी मौसम में पेट्रोल-डीजल पर राहत की उम्मीद लगाए बैठे भारतीयों को बड़ा झटका लगा है, इसके साथ ही महंगाई के भड़कने की आशंका भी बढ़ गई है. वहीं, ये लड़ाई उन कंपनियों के लिए बेहद बुरी साबित हो सकती है, जिनका कारोबार किसी न किसी रूप में इजरायल से जुड़ा हुआ है और इसमें कई भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं.
Adani Ports की है मौजूदगी
भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ वक्त में काफी अच्छे हुए हैं. इस वजह से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में भी मिठास आई है और हमारी कई कंपनियों ने वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाई है. अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) ने पिछले साल इजरायल में हाइफा पोर्ट के प्राइवेटाइजेशन को लेकर एक टेंडर जीता था. इस टेंडर में इजराइल की कंपनी गैदोत ग्रुप अडानी पोर्ट्स की पार्टनर है. इस जॉइंट वेंचर में अडानी पोर्ट्स की हिस्सेदारी करीब 70% के आसपास है. अब चूंकि इजरायल युद्ध में उलझ गया है, तो इस प्रोजेक्ट पर असर पड़ सकता है. इसके साथ ही अडानी के शेयरों पर भी इसकी नकारात्मक छाया देखने को मिल सकती है.
लागत में होगा इजाफा
इजरायल-हमास संघर्ष से सोने के दाम बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों पर देखने को मिल सकता है. इन कंपनियों की लागत में इजाफा हो सकता है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि युद्ध की वजह से कल्याण ज्वेलर्स जैसी कंपनियों का शेयर बाजार में प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है. इसके साथ ही रेलवे से संबंधित कंपनियों को भी इस युद्ध के चकते नुकसान उठाना पड़ सकता है. बता दें कि हाल ही में भारत में हुए G-20 सम्मेलन में India-Middle East-Europe Corridor की घोषणा हुई थी. इसके बाद RVNL सहित रेलवे से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में उछाल भी आया था, लेकिन अब इन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्योंकि इस कॉरिडोर को इजराइल से होकर गुजरना है.
IT कंपनियों का है रिश्ता
इनके साथ ही आईटी कंपनियों का कारोबार भी प्रभावित होने की आशंका है. Tata Consultancy Services (TCS) ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसे इजरायल के पहले डिजिटल बैंक के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना है. वहीं, इन्फोसिस ने कुछ साल पहले इजरायल की कंपनी Panaya का अधिग्रहण किया था. जाहिर है वहां टेंशन से उसका कारोबार प्रभावित होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, HCL Tech ने भी इजरायल की कंपनियों से करार किया हुआ है. इसलिए IT कंपनियों के शेयरों पर इस युद्ध का असर देखने क मिल सकता है.
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