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इस बार के त्‍योहारी सीजन में ऐसा रहने वाला है कारोबार, जानकारों ने जताई ऐसी संभावना? 

बाजार में लोगों की खरीद में बढ़ोतरी का सीधा संबंध महंगाई से है. अगर आने वाले दिनों में भी महंगाई कम रहती है तो ये सीजन और बेहतर हो सकता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारत में त्‍योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है. लगभग 4 महीने तक चलने वाले इस त्‍योहारी सीजन के लिए दुकानदार से लेकर ई-कॉमर्स कंपनियां तक तैयारी करती हैं. इस बार सितंबर में त्‍योहारी सीजन की शुरुआत के जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं उसने सभी कारोबारियों को खुश कर दिया है.  एक ओर से जहां ऑटोमोबाइल सेक्‍टर के बेहतरीन आंकड़े सामने आए हैं वहीं दूसरी ओर सरकार के जीएसटी के आंकड़ों ने भी जानकारों को हैरत में डाल दिया है. इस बार उम्‍मीद जताई जा रही है कि त्‍योहारी सीजन में ग्राहकों की खर्च सीमा में जबरदस्‍त इजाफा हो सकता है. 

सितंबर में कैसे रहे हैं आंकड़े? 
एक जानकार कहते हैं कि सितंबर में अगर कई सेक्‍टरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो लोगों ने नई कारों की जमकर बुकिंग कराई है. सितंबर में कारों की बिक्री के आंकड़े ने लगभग पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इसी तरह से अगर जीएसटी राजस्‍व के आंकड़ों पर नजर डालें तो उसने अर्थशास्त्रियों को खुश कर दिया है. सरकार को सितंबर में 1.62 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का राजस्‍व हासिल हुआ है.महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र जैसे राज्‍यों में अगर इसे साल-दर-साल के पैमाने में नापें तो इसमें पिछले साल के मुकाबले 17 से 21 प्रतिशत तक की ग्रोथ देखने को मिल रही है.

चार महीने को होता है त्‍योहारी सीजन? 
भारत में त्‍योहारी सीजन की शुरुआत गणेश चतुर्थी से जाती है. लेकिन कई राज्‍यों में उसके बाद आने वाले श्राद्ध के कारण लोग खरीददारी नहीं करते हैं लेकिन फिर नवरात्र से एक बार ये शुरू हो जाता है. वहां से शुरू होने वाला ये सीजन इसके बाद  दीवाली के बाद आने वाले छठ और कई राज्‍यों में न्‍यू ईयर तक जाता है. ऐसे में चार महीने के त्‍योहार के इस सीजन से कंपनियों को बड़ी उम्‍मीद होती है. वहीं अगर हम देश में बुनियादी ढाचे से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन भी बेहद सकारात्‍मक है.बुनियादी ढाचा उद्योगों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्‍त में सालाना आधार पर इसमें 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ये आंकड़ा 14 महीने के उच्‍चतम स्‍तर पर जा पहुंचा है. 

महंगाई के कम होने का भी पड़ेगा असर 
बाजार में मौजूदा समय में भले ही रेपो रेट स्थिर बनी हुई हो लेकिन महंगाई में कमी आई है. फसलों से लेकर खाने पीने की चीजों के दामों में कमी के कारण लोगों को राहत मिली है. वही राहत खर्च करने की सीमा में इजाफा कर सकती है. जानकारों का मानना है कि त्‍योहारी सीजन में इस बार अच्‍छा रिस्‍पांस देखने को मिल सकता है. जानकार ये भी कहते हैं कि अगर मुद्रास्‍फीति में इजाफा नहीं होता है तो ये मांग और तेज हो सकती है. 
 


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