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क्‍या नई सरकार के सामने गहराने वाला है गेहूं का संकट, आटे के दामों में बढ़ोतरी…

सरकार ने 6 साल पहले गेहूं की कमी को देखते हुए ऑस्‍ट्रेलिया से गेहूं का आयात किया था. उस दौरान 15 लाख क्विंटल गेहूं को आयात किया गया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश में नई सरकार का गठन हो चुका है और सभी मंत्रियों ने अपना पदभार संभाल लिया है. लेकिन बाजार में पहले प्‍याज के महंगा होने के बाद अब आटे के दामों में इजाफे के संकेत मिल रहे हैं. इसकी वजह ये बताई जा रही है कि देश में मौजूदा समय में गेहूं का भंडार काफी कम हो चुका है. अब सरकार के सामने ये संकट है कि वो खाने पीने की इस बेसिक जरूरत के दामों में कमी कैसे लाती है.

आखिर कितने बढ़ चुके हैं आटे के दाम?

कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री पर दिए गए आटे के दाम बता रहे हैं मौजूदा समय में दाम 36 रुपये प्रति किलोग्राम हैं. जबकि एक साल पहले के दामों पर नजर डालें तो वो 34.75 रुपये हुआ करते थे. यानी इस साल आटे के दामों में 3 रुपये से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है. वहीं अगर गेहूं के दामों पर नजर डालें तो एक साल में ये अब तक 8 प्रतिशत से ज्‍यादा बढ़ चुके हैं और आने वाले दिनों में इसके भाव में और तेजी की आशंका जताई जा रही है. अगर आटे के दामों में इजाफा होता है तो इससे आपके घर का बजट जरूर बिगड़ सकता है.

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ये है दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह

गेहूं के दामों में हुए इजाफे की सबसे बड़ी वजह ये है कि देश में मौजूदा समय में गेहूं का भंडार अपने सबसे कम स्‍तर पर आ गया है. अप्रैल 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो ये 75 लाख टन तक आ गया है. दरअसल ऐसी स्थिति आने के पीछे जो वजह है उसके पीछे भी महंगाई छिपी हुई है. दरअसल आटे से बने सामानों की महंगाई को रोकने के लिए सरकार को कुछ समय पहले इस इंडस्‍ट्री को आटे की सप्‍लाई करनी पड़ी थी जिससे गेहूं की फसल का एक बड़ा हिस्‍सा वहां खप गया. इसके कारण अब गेहूं का संकट पैदा होता दिखाई दे रहा है.

क्‍या गेहूं का इंपोर्ट करेगी सरकार?

गेहूं के भंडार में कमी की स्थिति पर नजर डालें तो ऐसा पिछले 6 सालों में पहली बार हो रहा है जब भंडार इस स्‍तर पर गया हो. इससे पहले भारत सरकार ने ऑस्‍ट्रेलिया से 6 साल पहले गेहूं का इंपोर्ट किया था. लेकिन इस साल तस्‍वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है क्‍योंकि गेहूं की कमी महसूस की जा रही है. इससे पहले 2017-18 में 15 लाख टन गेहूं का आयात किया था. हालांकि अनुमान जो लगाए जा रहे हैं कि इस साल गेहूं की फसल में पिछले साल के मुकाबले 6.25 प्रतिशत की कमी देखने को मिल सकती है. पिछले साल देश में 112 मिलियन मिट्रिक टन गेहूं का उत्‍पादन हुआ था. यही नहीं प्‍याज के दामों में भी बाजार में तेजी देखने को मिल रही है. महाराष्‍ट्र की लासलगांव मंडी में प्‍याज के दामों में 50प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.


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