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IRDAI ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस पर लगाया 1 करोड़ रुपए का जुर्माना, जानें पूरा मामला
IRDAI ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर बीमा मध्यस्थों, आउटसोर्सिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन करने के लिए 1 करोड़ रुपए का आर्थिक दंड लगाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
इंडियन इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस पर बीमा मध्यस्थों, आउटसोर्सिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के लिए 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. यह कदम निरीक्षण के दौरान पाए गए अनियमित भुगतानों और आउटसोर्सिंग प्रक्रियाओं में नियमों के पालन में खामियों के आधार पर उठाया गया. कंपनी के खिलाफ आदेश में कहा गया है कि कुछ भुगतान नियामक नियमों के अनुसार नहीं थे और आवश्यक अनुमोदन एवं प्रक्रियाएँ पूरी नहीं की गई थीं.
निरीक्षण के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई IRDAI द्वारा 27 दिसंबर से 31 दिसंबर 2021 के बीच किए गए रिमोट निरीक्षण के बाद हुई है. निरीक्षण में पाए गए उल्लंघनों के आधार पर IRDAI ने सोमवार को कंपनी को शो-कार्ज नोटिस जारी किया था और अनियमितताओं के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था.
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने जनवरी 2025 में अपने जवाब प्रस्तुत किए और 5 मार्च 2025 को व्यक्तिगत सुनवाई में अपना पक्ष रखा. इसके बाद IRDAI ने 26 दिसंबर 2025 को अपना अंतिम आदेश पारित किया.
उल्लंघनों का विवरण
IRDAI के आदेश में कहा गया है कि निरीक्षण में कई ऐसे मामले सामने आए जहां बीमाकर्ता द्वारा किए गए भुगतान नियमों के अनुसार नहीं थे. इसमें बीमा दलालों के संबंधित पक्षों को भुगतान, किसी अन्य बीमाकर्ता से जुड़े व्यक्तिगत एजेंट को भुगतान, बिना लाइसेंस वाली संस्थाओं और कुछ कॉर्पोरेट एजेंट्स को भुगतान शामिल हैं.
इसके अलावा, IRDAI ने देखा कि कुछ गतिविधियों को विज्ञापन और उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जबकि नियामक ने निष्कर्ष निकाला कि ये गतिविधियाँ मौजूदा नियमों के अनुसार आउटसोर्सिंग के अंतर्गत आती हैं. कई मामलों में आवश्यक ड्यू डिलिजेंस, कॉस्ट-बेनिफिट विश्लेषण, संघर्ष हित मूल्यांकन और आउटसोर्सिंग समिति की मंजूरी नहीं ली गई थी.
अनियमित भुगतान और छिपी जानकारी
आधिकारिक नोट में यह भी कहा गया कि कुछ भुगतान निर्धारित सीमा से अधिक थे लेकिन आउटसोर्सिंग रिटर्न में प्रकटीकरण नहीं किया गया, जिससे कंपनी ने नियामक जांच से बचा लिया. IRDAI के अनुसार, इनमें से कुछ भुगतान अनधिकृत या ओवरराइडिंग कमीशन के रूप में थे, जिन्हें मार्केटिंग या जागरूकता खर्च दिखाया गया.
कानूनी आधार और निर्देश
यह जुर्माना इंश्योरेंस एक्ट, 1938 की धारा 102 के तहत लगाया गया है, जिसमें दलालों, कमीशन, आउटसोर्सिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों का उल्लंघन शामिल है. IRDAI ने निर्देश दिया है कि कंपनी आदेश प्राप्त होने के 45 दिन के भीतर जुर्माना का भुगतान करे, आदेश को अपने बोर्ड के सामने रखे, और 90 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करे. रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने अभी तक इस आदेश पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. कंपनी इंश्योरेंस एक्ट के तहत सिक्योरिटीज अपील ट्रिब्यूनल में इस निर्णय को चुनौती देने का विकल्प रखती है.
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