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ईरान ने तीन शर्तों पर युद्ध विराम की शर्त रखी, खाड़ी देश कर रहे मध्यस्थता

अब अमेरिका और इजरायल की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वे इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म करने के बजाय छोटे रणनीतिक लक्ष्यों पर भी सहमत हो सकते हैं, जिनमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और नौसेना की क्षमता को कमजोर करना शामिल है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं. ईरानी नेतृत्व का कहना है कि जब तक उनके वैध अधिकारों को मान्यता, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा और भविष्य में हमले न होने की ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी नहीं मिलती, तब तक संघर्ष समाप्त करना संभव नहीं होगा. इस बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध से क्षेत्रीय और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भी उथल-पुथल तेज हो गई है.

युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की तीन शर्तें

ईरान ने क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के माध्यम से संकेत दिया है कि युद्ध विराम तभी संभव है जब अमेरिका यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में वह या इजरायल ईरान पर हमला नहीं करेंगे. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की मुख्य चिंता यह है कि मौजूदा संघर्ष समाप्त होने के बाद इजरायल फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है. इसी वजह से तेहरान किसी भी समझौते से पहले ठोस सुरक्षा गारंटी चाहता है. बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर बैक-चैनल बातचीत यूरोप और पश्चिम एशिया के कुछ देशों की मदद से आगे बढ़ाई जा रही है.

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट कहा कि युद्ध समाप्त करने का एकमात्र रास्ता तीन शर्तों को स्वीकार करना है. उन्होंने ईरान के वैध अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस वैश्विक सुरक्षा गारंटी की मांग की है. पेजेश्कियन ने बताया कि उन्होंने यह संदेश रूस और पाकिस्तान के नेताओं तक भी पहुंचाया है.

अमेरिका की प्रतिक्रिया

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिलहाल जारी रहेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के संभावित नए नेतृत्व की ओर से बातचीत के संकेत मिल रहे हैं और अंततः दोनों पक्षों के बीच वार्ता हो सकती है.

युद्ध लंबा खिंचने के संकेत

28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के जल्द खत्म होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं. हालांकि ट्रंप ने इस सप्ताह कहा था कि ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है और युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है. इसके बावजूद तीनों देशों ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया है कि वे कई हफ्तों तक लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार हैं.

मिसाइल और ड्रोन हमले जारी

ईरान लगातार इजरायल और खाड़ी देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. समुद्री जहाजों पर हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं. यह मार्ग वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है.

खाड़ी देशों की मध्यस्थता की कोशिश

रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब ने हाल के दिनों में ईरान से सीधे संपर्क बढ़ाया है ताकि संघर्ष को सीमित किया जा सके. खाड़ी के अन्य देश भी, जिनकी अर्थव्यवस्थाएं इस युद्ध से प्रभावित हो रही हैं, दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने की कोशिश कर रहे हैं.

ओमान के सुल्तान ने की बातचीत

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की. संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली सीधी बातचीत थी. ओमान की सरकारी मीडिया के अनुसार सुल्तान ने ओमान पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की. यह बातचीत उस समय हुई जब सलालाह बंदरगाह के पास ड्रोन हमले में एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया.

युद्ध के लक्ष्य पर अलग-अलग संकेत

अमेरिका और इजरायल की ओर से युद्ध के उद्देश्यों को लेकर भी अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं. शुरुआत में दोनों देशों ने ईरान में शासन परिवर्तन की बात कही थी. हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बावजूद देश ने सैन्य मोर्चे पर मजबूती दिखाई है. इसके बाद ईरान ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया.

अब अमेरिका और इजरायल की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वे इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म करने के बजाय छोटे रणनीतिक लक्ष्यों पर भी सहमत हो सकते हैं, जिनमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और नौसेना की क्षमता को कमजोर करना शामिल है.


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