होम / बिजनेस / ईरान संकट की मार, भारतीय बाजार में बासमती चावल के दाम गिरे

ईरान संकट की मार, भारतीय बाजार में बासमती चावल के दाम गिरे

ईरान-इजरायल तनाव ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक राजनीतिक घटनाओं का असर भारतीय कृषि और निर्यात बाजारों पर कितनी तेजी से पड़ सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की कृषि मंडियों तक पहुंचने लगा है. खासतौर पर बासमती चावल के निर्यात पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है. इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के मुताबिक, ईरान में हालात बिगड़ने से वहां होने वाला बासमती चावल निर्यात प्रभावित हुआ है, जिसके चलते घरेलू बाजार में कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है.

एक्सपोर्ट रुकने से घरेलू बाजार में दबाव

IREF के अनुसार, ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के कारण शिपमेंट में देरी हो रही है और पेमेंट साइकिल भी बाधित हुई है. इसका नतीजा यह हुआ कि निर्यात के लिए तैयार बासमती चावल घरेलू बाजार में आने लगा, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना. मार्केट सूत्रों का कहना है कि बीते एक सप्ताह में बासमती चावल की अलग-अलग किस्मों के दाम 5 से 10 रुपये प्रति किलो तक गिर गए हैं.

IREF ने जताई चिंता, भरोसे पर असर

IREF ने बताया कि मौजूदा संकट ने न सिर्फ लॉजिस्टिक्स बल्कि खरीदारों के भरोसे को भी कमजोर किया है. फेडरेशन का कहना है कि ईरान जैसे बड़े बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से एक्सपोर्टर्स सतर्क हो गए हैं और नए ऑर्डर लेने में झिझक दिख रही है, जिसका असर कीमतों पर साफ नजर आ रहा है.

ईरान भारत के लिए बड़ा बाजार रहा है

IREF के एक्सपोर्ट डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के बीच भारत ने ईरान को करीब 468.10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4,225 करोड़ रुपये का बासमती चावल निर्यात किया. यह मात्रा करीब 5.99 लाख मीट्रिक टन रही. परंपरागत रूप से ईरान भारतीय बासमती चावल के सबसे बड़े और भरोसेमंद बाजारों में शामिल रहा है, लेकिन मौजूदा हालात ने इस ट्रेड फ्लो को अनिश्चित बना दिया है.

एक्सपोर्टर्स को सतर्क रहने की सलाह

IREF के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. प्रेम गर्ग ने कहा कि ईरान भारतीय बासमती के लिए हमेशा एक अहम डेस्टिनेशन रहा है, लेकिन मौजूदा उथल-पुथल ने ट्रेड चैनल को प्रभावित किया है. उन्होंने बताया कि पेमेंट में देरी और शिपमेंट रिस्क बढ़ने से एक्सपोर्टर्स को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर क्रेडिट एक्सपोजर और डिलीवरी टाइमलाइन को लेकर.

IREF की एडवाइजरी, जोखिम कम करने पर जोर

बदलते हालात को देखते हुए IREF ने एक्सपोर्टर्स के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें ईरानी कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े जोखिमों की दोबारा समीक्षा करने, ज्यादा सुरक्षित पेमेंट मैकेनिज्म अपनाने और केवल ईरान के लिए तैयार इन्वेंट्री पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह दी गई है. फेडरेशन ने किसानों और व्यापारियों दोनों से सोच-समझकर कदम उठाने की अपील की है.

अमेरिका के टैरिफ से भी बढ़ी चिंता

ईरान संकट के बीच, IREF ने अमेरिका की ओर से आने वाले टैरिफ संकेतों पर भी चिंता जताई है. फेडरेशन के अनुसार, अमेरिका पहले ही भारतीय चावल के निर्यात पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा चुका है, जो पहले 10 प्रतिशत हुआ करता था. ऐसे में पश्चिम एशिया की अस्थिरता और अमेरिकी टैरिफ, दोनों मिलकर भारतीय चावल निर्यात के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बना रहे हैं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

46 minutes ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

4 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

7 hours ago

ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, 28 सितंबर को राइट्स इश्यू पर बोर्ड की बैठक

बैठक में राइट्स इश्यू के आकार, शर्तों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है.

7 hours ago

कल 300 अंक चढ़ा सेंसेक्स, आज बाजार पर दबाव के संकेत; कच्चा तेल, US यील्ड और NSE लिस्टिंग पर नजर

बुधवार को सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 फीसदी बढ़कर 74,828.25 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ.

7 hours ago


बड़ी खबरें

FD कराने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से बदलेंगे नियम; जानें आपकी जमा पर क्या होगा असर

नए नियमों में 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि वाली बल्क डिपॉजिट को भी शामिल किया गया है. ऐसे डिपॉजिट के लिए बैंक को हर दिन अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दर अपडेट करनी होगी.

3 hours ago

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

46 minutes ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

4 hours ago

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

4 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

7 hours ago