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Indian Oil ने GPS Renewables से मिलाया हाथ, मिलकर बनाएंगे CBG प्लांट!
इस समझौते को अभी नीति आयोग (NEETI Aayog) और DIPAM की मंजूरी मिलना बाकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) को लेकर एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. IOCL ने GPS रिन्यूएबल्स (GPS Renewables) से हाथ मिला लिया है और अब दोनों साथ मिलकर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगायेंगे. GPS रिन्यूएबल्स, बैंगलोर आधारित एक बायोफ्यूल टेक्नोलॉजी कंपनी है.
साथ आए GPS Renewable और IOCL
समझौते के तहत इस जॉइंट वेंचर में दोनों ही इकाइयों की 50-50% की हिस्सेदारी होगी. साथ ही आपको यह भी बता दें कि इस समझौते को अभी नीति आयोग (NITI Aayog) और DIPAM की मंजूरी मिलना बाकी है. GPS रिन्यूएबल्स (GPS Renewables) अपनी प्रोजेक्ट डेवलपमेंट शाखा GPSR की मदद से पूरे भारत में बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स बढ़ाना चाहती है. फिलहाल GPSR देश भर में प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है और कंपनी का ध्यान प्रमुख रूप से देश के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों पर हैं. आपको बता दें कि इंदौर में मौजूद भारत के सबसे बड़े बायोगैस प्लांट का निर्माण भी GPS रिन्यूएबल्स ने ही किया था. फिलहाल कंपनी बायोफ्यूल इंडस्ट्री की अग्रणी है और इस पार्टनरशिप की मदद से IOCL को भी इस क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कदम आगे बढाने में मदद मिलेगी.
बायोगैस के विकास में मिलेगी मदद
GPS रिन्यूएबल्स (GPS Renewables) के को-फाउंडर एवं CEO मैनाक चक्रवर्ती ने इस मौके पर कहा कि IOCL (भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के साथ सुझाए गए इस समझौते की बदौलत बायोफ्यूल टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने के हमारे लक्ष्य की तरफ एक काफी महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा. हमारा उद्देश्य है कि हम साथ मिलकर देश भर में कंप्रेस्ड बायोगैस का निर्माण करें और इसका विकास करें ताकि एक ज्यादा सतत एवं हरित भविष्य का निर्माण हो सके. हम IOCL के साथ काम करने के लिए काफी उत्सुक हैं और इस समझौते की बादौलत बायोगैस क्षेत्र के विकास को भी मदद मिलेगी.
एशिया का सबसे बड़ा MSW प्लांट
GPS रिन्यूएबल्स (GPS Renewables) बायोफ्यूल टेक्नोलॉजी और इससे संबंधित प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के मामले में काफी अग्रणी रही है. फॉसिल फ्यूल से बायोफ्यूल की तरफ होने वाले बदलाव की बात भी करें तो भी यह कंपनी काफी महत्त्वपूर्ण है और हमेशा आगे ही नजर आती है फिर बात चाहे RNG की हो, 2G एथेनॉल की हो, ग्रीन हाइड्रोजन की हो या फिर किसी अन्य प्रकार के फ्यूल की ही क्यों न हो. कंपनी ने देश भर में 100 से ज्यादा बायोगैस प्लांट लगाए हैं और साथ ही एशिया का सबसे बड़ा म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (MSW) प्लांट भी इसी कंपनी ने इंदौर में लगाया है.
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